झारखंड में कोरोना के ओमिक्रॉन का सब वैरिएंट मिलने से एक बार फिर से सावधान होने की जरूरत है. क्योंकि, राज्य में ओमिक्रॉन का सब वैरिएंट्स ‘सेंटोरस’ का मिलना खतरनाक साबित हो सकता है. दरअसल, रिम्स में जीनोम सिक्वेंसिंग को भेजे 180 सैंपल की रिपोर्ट में ओमिक्रॉन के इस सब-वैरिएंट का पता चला है. बताया जा रहा है कि इसकी संक्रमण दर यानी फैलने की क्षमता काफी अधिक है. जानकारी के अनुसार 180 सैंपल में से 114 सैंपल में नए सब वैरिएंट का पता चला है. सावधान रहने की जरूरत इसलिए भी है कि ओमिक्रॉन के सब वैरिएंट के चलते ही चौथी लहर आने की चेतावनी एक्सपर्ट दे चुके हैं. बताया जा रहा है कि यह नया सब-वैरिएंट उन लोगों को भी संक्रमित कर सकता है, जिन्हें पहले ही टीका लगाया जा चुका है. जानकारी के अनुसार इस सब वैरिएंट की अत्यधिक रफ्तार को लेकर केंद्र सरकार ने राज्य को टेस्टिंग की रफ्तार बढ़ाने कहा है.
सेंटोरस के नाम से जाना जा रहा
इस वैरिएंट को BA-2.75 ‘सेंटोरस’ के नाम से जाना जा रहा है. एक्सपर्ट की मानें तो जिस रफ्तार से फैल रहा है इससे यह कोरोना की चौथी लहर का कारण बन सकता है. बताया जा रहा है कि कोरोना का यह रूप इससे पहले कुछ यूरोपियन देशों में भी देखा गया था. यह मेजर इम्यून स्केप वाला हो सकता है, जिसका मतलब यह है कि यह प्रतिरक्षा प्रणाली को आसानी से चकमा देने वाले म्यूटेशन वाला वैरिएंट हो सकता है.
तीसरी डोज लेने की एक्सपर्ट दे रहे सलाह
“सेंटोरस” बीए 2.75 और बीए 2.76 सब-वेरिएंट के संबंध में कहा गया है कि ये इम्यूनिटी को चकमा दे सकता है. यह वैसे लोगों को भी संक्रमित कर सकता है जो पहले कोरोना वैक्सीन के दोनों डोज ले चुके हैं. ऐसे में एक्सपर्ट के द्वारा लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे जल्द से जल्द तीसरी डोज ले लें. उनका मानना है कि टीके की वजह से बीमारी की गंभीरता को कम किया जा सकता है.
