
जमशेदपुर कदमा शास्त्रीनगर ब्लॉक नंबर 2-स्थित बाबा जटाधारी मंदिर की स्थापना वर्ष 1979 में पावन रामनवमी के अवसर पर विधिवत रूप से की गई थी। स्थापना काल से ही मंदिर समिति द्वारा प्रत्येक वर्ष अध्यक रूप से अखाड़ा निकाला जाता रहा है, जो क्षेत्र की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान का अभिन्न हिस्सा बन चुका है।
दिनांक 24 नवंबर 2012 को स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती (पुरी के शंकराचार्य) के करकमलों द्वारा बाबा जटाधारी शिव-हनुमान मंदिर का जीर्णोधार एवं स्थापित शिवलिंग का पुनः प्राणप्रतिष्ठा संपन्न हुआ, जिससे मंदिर की आध्यात्मिक गरिमा और भी बढ़ी।
वर्ष 2007 से मंदिर समिति द्वारा रुद्राभिषेक के उपरांत भव्य शिव बारात का आयोजन परंपरागत रूप से किया जा रहा है, जिसमें हजारों श्रद्धालु, महिला-पुरुष, युवा एवं बच्चे उत्साहपूर्वक भाग लेते हैं। आकर्षक झांकियां, पारंपरिक वेशभूषा में सजे श्रद्धालु, ढोल-नगाड़ों की गूंज, भक्ति गीतों की स्वर लहरियों और रंग-बिरंगी सजावट कार्यक्रम की अव्यता को चार चांद लगाती है। पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण का संचार होता है।
इसी क्रम में वर्ष 2026 के लिए निम्नलिखित कार्यक्रम निर्धारित किए गए हैं-
14 फरवरी 2026, शनिवार, प्रातः 11:00 बजे अखंड हरिकीर्तन का शुभारंभ।
15 फरवरी 2026, रविवार, दोपहर 3:00 बजे कीर्तन की पूर्णाहुति, समाज के सम्मानित अतिथियों का स्वागत स्वागत एवं अभिनंदन समारोह।
सायं 4:30 बजे से शिव-पार्वती की भव्य शिव बारात निकाली जाएगी, जिसमें आकर्षक झांकियां एवं भक्ति संगीत की प्रस्तुति रहेगी।
॥ तत्पश्चात श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद एवं भोग वितरण किया आएगा।
मंदिर समिति ने समस्त श्रद्धालुओं एवं क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्ममय वातावरण वातावरण में सहभागिता निभाने की अपील की है।
इस दौरान मुख्य रूप से समिति के अध्यक्ष उमेश सिंह, महासचिव सुधांशु ओझा, शेषनाथ पाठक, मनोज कुमार सिंह, अशोक कुमार दुबे, रौशन कुमार, संदीप पांडेय, शशिभूषण, प्रमोद सिंह, दीपक वशिष्ठ, शैलेश कुमार सिंह सहित अन्य उपस्थित थे।
