
इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने साकची गोलचक्कर पहुंचकर केंद्र सरकार का पुतला दहन किया और जमकर नारेबाजी की.भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का आरोप है कि केंद्र सरकार भगवान राम के नाम पर राजनीति कर रही है और महात्मा गांधी के नाम को समाप्त करने की साजिश रची जा रही है. पार्टी नेताओं ने कहा कि मनरेगा का नाम बदलना देश की जनता की भावनाओं के साथ खिलवाड़ है. प्रदर्शन में शामिल CPI कार्यकर्ताओं ने मांग की कि जी-राम-जी बिल के नाम को वापस लिया जाए और योजना का नाम मनरेगा ही रखा जाए. पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि यह सरकार पूंजीपतियों की सरकार है और देश की संपत्तियों को पूंजीपतियों के हाथों बेचने का काम कर रही है.प्रदर्शन के दौरान साकची गोलचक्कर पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल रहा. हालांकि पुलिस बल की मौजूदगी में प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ.
