जमशेदपुर पूर्वी सिंहभूम जिला कांग्रेस कमेटी ने केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा योजना का नाम बदलने के प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया है.

इस संबंध में जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष परविंदर सिंह के नेतृत्व में सोमवार को राष्ट्रपति के नाम एक मांग पत्र उपायुक्त के माध्यम से सौंपा गया है. मांग पत्र में कहा गया है कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम, जिसे आमतौर पर मनरेगा कहा जाता है, गरीब और जरूरतमंद लोगों को रोजगार की कानूनी गारंटी देने वाला एक महत्वपूर्ण कानून है. यह योजना महात्मा गांधी के नाम से जुड़ी हुई है और आम जनता के बीच बेहद लोकप्रिय है. ऐसे में इसका नाम बदलना जनभावनाओं के खिलाफ है. कांग्रेस कमेटी ने राष्ट्रपति से आग्रह किया है कि वे इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा का नाम बदलने की प्रक्रिया पर अविलंब रोक लगाएं. पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि मनरेगा केवल रोजगार का साधन नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है. जिला कांग्रेस अध्यक्ष परविंदर सिंह ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि राष्ट्रपति जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए मनरेगा योजना का नाम पूर्ववत बनाए रखने का निर्देश देंगी. उन्होंने कहा कि जिला कांग्रेस कमेटी गरीबों के अधिकारों और महात्मा गांधी के नाम से जुड़ी इस ऐतिहासिक योजना की गरिमा बनाए रखने के लिए लगातार संघर्ष करती रहेगी.

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