आज ईस्टर है. मान्यता है कि क्रूस पर चढ़ाए जाने के तीन दिन बाद प्रभु यीशु का पुनर्जन्म हुआ था, जिसे ईसाई समुदाय ईस्टर के रूप में मनाता है और आज के दिन कब्रिस्तान पर जुटकर अपने पूर्वजों को याद कर उनके कब्र पर मोमबत्तियां जलाकर उन्हें याद करते हैं उसके बाद गिरिजाघर जाकर प्रार्थना सभा में भाग लेने के बाद दिनभर रिश्तेदारों से मिलकर ईस्टर की शुभकामनाएं देते हैं. जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित कब्रिस्तान में भी सुबह से ही ईसाई समुदाय के लोग अपने पूर्वजों के कब्र मोमबत्तियां जलाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी.
