1989 के झारखंड के आईपीएस कैडर अजय भटनागर को झारखंड का नया डीजीपी बनाया गया

1989 के झारखंड के आईपीएस कैडर अजय भटनागर को झारखंड का नया डीजीपी बनाया गया है। इसके पूर्व अजय भटनागर सीबीआई में एडिशनल डायरेक्टर थे।
डीजीपी की रेस में अजय सिंह अनिल पलटा आर के मल्लिक एसएन प्रधान, एमएस भाटिया, मुरारीलाल मीणा के नाम भी चर्चा में था लेकिन अंतिम निर्णय अजय भटनागर के नाम से हुआ।

अजय भटनागर सीआरपीएफ में बतौर आईजी भी सेवा दे चुके हैं. इससे पहले झारखंड सरकार ने तीस साल सेवा दे चुके 7 आईपीएस अफसरों के नाम डीजीपी पद के लिए भेजे थे।
झारखंड के डीजीपी नीरज सिन्हा आज यानि शनिवार को सेवानिवृत्त हो गए हैं। उनकी सेवानिवृत्ति के अवसर पर रांची के डोरंडा स्थित जैप वन परिसर में झारखंड पुलिस द्वारा विदाई समारोह का आयोजन किया गया था। इस मौके पर डीजीपी के रूप में अपने अंतिम संदेश में नीरज सिन्हा ने पुलिस जवानों-अधिकारियों को शुभकामनाएं दी उन्हें आम लोगों के भरोसे को पुलिस के प्रति बरकरार रखने को कहा।

नीरज सिन्हना ने कहा कि उन्हें इस बात का हमेशा मलाल रहेगा कि वे रिटायरमेंट से पहले झारखंड में नक्सलियों को जड़ से नहीं खत्म कर सके लेकिन उन्हें विश्वास है कि उनके ऊर्जावान अनुज साथी उनकी इच्छा को जरूर पूरा करेंगे। इस मौके पर उन्होंने अपने दो वर्षों के कार्यकाल का लेखा जोखा भी दिया।उन्होंने बताया कि उनके कार्यकाल में आत्मसमर्पण नीति के तहत 34 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, इन नक्सलियों पर एक करोड़ 10 लाख रुपये का इनाम घोषित था। 17 ऐसे नक्सली मारे गए, जिनपर 17 लाख का इनाम था. उन्होंने कहा कि राज्य की पुलिस ने बूढ़ा पहाड़, खूंटी, चाईबासा व सरायकेला के ट्राई जंक्शन इलाका, लोहरदगा व लातेहार तथा गुमला के ट्राई जंक्शन इलाके, लुगु, झुमरा

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