भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा’ का रथ पहुंचा गिरिडीह, देवेंद्र नाथ महतो ने तीन स्थानों पर की नुक्कड़ सभा

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झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और छात्रों के आंदोलन के समर्थन में शुरू की गई ‘भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा’ का रथ बुधवार को गिरिडीह पहुंचा। 24 अगस्त को दिशोम गुरु शिबू सोरेन के गांव नेमरा से शुरू हुई यह यात्रा राज्य के सभी 24 जिलों का भ्रमण करेगी। गिरिडीह पहुंचने पर जेएलकेएम नेता देवेंद्र नाथ महतो ने जिले के तीन अलग-अलग स्थानों पर नुक्कड़ सभा कर छात्रों, युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को संबोधित किया।
नुक्कड़ सभाओं के दौरान देवेंद्र नाथ महतो ने झारखंड में भर्ती परीक्षाओं की मौजूदा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पिछले एक महीने से राज्य के छात्र जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। छात्रों की मांग है कि भर्ती परीक्षाओं को पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से कराया जाए, ताकि मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ न हो।
उन्होंने कहा कि आंदोलन के बीच राज्य सरकार की ओर से करीब 40 परीक्षाओं को प्रभावित करने संबंधी निर्णय लिया गया था। बाद में अदालत द्वारा सरकार के आदेश पर रोक लगाए जाने के बाद परीक्षाओं को पुनः बहाल किया गया। महतो ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम से छात्रों के बीच असमंजस और आक्रोश की स्थिति बनी है।
देवेंद्र नाथ महतो ने आरोप लगाया कि सरकार आंदोलन कर रहे छात्रों को केवल आश्वासन देकर उनके साथ छल करने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में बार-बार सामने आ रही कथित अनियमितताओं के कारण झारखंड के युवा अपने हक और अधिकार के लिए सड़क पर उतरने को मजबूर हैं। उन्होंने सरकार से भर्ती परीक्षाओं की पूरी व्यवस्था में व्यापक सुधार करने की मांग की।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने भर्ती व्यवस्था में जल्द सुधार नहीं किया और छात्रों की मांगों को गंभीरता से नहीं लिया, तो जेएलकेएम की ओर से पूरे राज्य में चक्का जाम आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे पर पार्टी पीछे हटने वाली नहीं है।
महतो ने कहा, “सरकार झारखंड की जल, जंगल, जमीन और खनिज संपदा को तो बेच ही रही है, कम से कम झारखंड के छात्रों के हक की नौकरी को बाहरी लोगों के हाथों में न बेचे।” उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि झारखंड के युवाओं को अपने ही राज्य में नौकरी और अधिकार के लिए आंदोलन करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि ‘भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा’ का उद्देश्य केवल विरोध करना नहीं, बल्कि राज्य के युवाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना भी है। गिरिडीह में आयोजित नुक्कड़ सभाओं के माध्यम से जेएलकेएम कार्यकर्ताओं ने भर्ती व्यवस्था में सुधार, स्थानीय युवाओं के हितों की रक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग को लेकर लोगों को जागरूक किया।
यात्रा के दौरान युवाओं में भी उत्साह देखने को मिला। नेताओं ने कहा कि जब तक भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और भरोसेमंद नहीं बनाया जाता, तब तक छात्रों की आवाज को मजबूती से उठाया जाता रहेगा।:::

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