
जमशेदपुर साकची बाजार में पिछले करीब दो महीने से दुकानों की छतों पर लगे एसी के आउटर यूनिट से कॉपर पाइप और तार चोरी होने की घटनाओं ने दुकानदारों की परेशानी बढ़ा दी है। लगातार हो रही चोरी के कारण व्यापारियों को प्रतिदिन हजारों रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। दुकानदारों का आरोप है कि कई बार पुलिस को इसकी सूचना देने के बावजूद चोरी की घटनाओं पर पूरी तरह रोक नहीं लग पाई है।
चोरी की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए साकची बाजार के डालडा लाइन क्षेत्र के कुछ दुकानदारों ने अपनी सुरक्षा के लिए दुकानों की छतों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाए हैं। मंगलवार, 11 अगस्त को दुकान खोलने पहुंचे दुकानदारों ने जब सीसीटीवी फुटेज खंगाला तो एक युवक छत पर लगे एसी के आउटर यूनिट से कॉपर पाइप और तार काटता हुआ दिखाई दिया। फुटेज सामने आने के बाद दुकानदारों ने तत्परता दिखाते हुए युवक की तलाश शुरू की और पीछा कर उसे पकड़ लिया।
पकड़े गए युवक ने अपना नाम रमजान बताया है और वह कपाली के ओल्ड पुरुलिया रोड का रहने वाला बताया जा रहा है। घटना की जानकारी स्थानीय पुलिस को भी दी गई है। पुलिस द्वारा युवक से पूछताछ कर चोरी की घटनाओं में उसकी संलिप्तता और अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।
दुकानदारों का कहना है कि पहले चोरी की घटनाएं रात के समय होने की आशंका रहती थी, लेकिन अब चोर दिन के उजाले में भी बाजार की छतों पर पहुंचकर एसी के महंगे कॉपर पाइप और तार काट रहे हैं। इससे व्यापारियों में भय और असुरक्षा का माहौल है।
व्यापारियों ने यह भी आरोप लगाया कि बाजार में कुछ लोग कचरा चुनने की आड़ में दिनभर घूमते रहते हैं। ऐसे लोगों में कौन वास्तविक रूप से कचरा चुनने का काम करता है और कौन संदिग्ध गतिविधियों में शामिल है, इसकी जांच की जरूरत है। दुकानदारों का कहना है कि पुलिस को बाजार में आने-जाने वाले संदिग्ध लोगों पर नजर रखनी चाहिए।
स्थानीय व्यापारियों ने पुलिस प्रशासन से साकची बाजार में नियमित पुलिस गश्त बढ़ाने, छतों और सुनसान हिस्सों पर विशेष निगरानी रखने तथा एसी की कॉपर पाइप और तार चोरी करने वाले गिरोह का पता लगाने की मांग की है। व्यापारियों का कहना है कि समय रहते चोरी की घटनाओं पर अंकुश नहीं लगाया गया तो आने वाले दिनों में नुकसान और बढ़ सकता है।
दुकानदारों ने बाजार की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ सीसीटीवी निगरानी बढ़ाने की भी मांग की है, ताकि चोरी की घटनाओं को रोका जा सके और वारदात में शामिल लोगों की पहचान आसानी से हो सके।