
सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल क्षेत्र में जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा घटना चांडिल रेंज के कुकड़ू गांव की है, जहां हाथी के हमले में एक अधेड़ व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक की पहचान गांव निवासी मुनी राम गोराई (50) के रूप में हुई है। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई है।
जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह ग्रामीणों ने गांव के पास एक शव पड़ा देखा। सूचना फैलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। ग्रामीणों ने तुरंत वन विभाग और पुलिस को जानकारी दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम और स्थानीय पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। अधिकारियों ने जांच के बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
ग्रामीणों के मुताबिक मुनी राम गोराई रविवार शाम गांव से ब्लॉक परिसर की ओर गए थे, जहां रोजाना कई ग्रामीण बैठकी के लिए जुटते हैं। देर शाम जब वह वापस घर लौट रहे थे, तभी रास्ते में जंगली हाथियों से उनका सामना हो गया। बताया जा रहा है कि हाथियों ने उन पर हमला कर पटक दिया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गांव के आसपास दो हाथी लगातार घूम रहे हैं, जिससे ग्रामीणों में डर का माहौल बना हुआ है। लोग शाम ढलने के बाद घरों से निकलने से बच रहे हैं।
वन विभाग ने मृतक के आश्रितों को सरकारी मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही ग्रामीणों से सतर्क रहने और हाथियों के इलाके में अकेले नहीं जाने की अपील की गई है।
लगातार हो रहे हाथी हमलों से चांडिल और आसपास के गांवों के लोग सहमे हुए हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों को आबादी क्षेत्र से दूर खदेड़ने और स्थायी समाधान निकालने की मांग की है।
