
जमशेदपुर के कोऑपरेटिव कॉलेज परिसर में सोमवार, 4 मई को कोल्हान छात्र संघर्ष मोर्चा द्वारा एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान हाल ही में कोल्हान विश्वविद्यालय के सीनेट एवं सिंडिकेट सदस्य बने सोनू ठाकुर को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के पश्चात संगठन की ओर से एक प्रेसवार्ता भी आयोजित की गई, जिसमें विश्वविद्यालय से जुड़े कई ज्वलंत मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया।
प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए मोर्चा के संस्थापक सदस्य सह सिंडिकेट सदस्य सोनू ठाकुर ने दो मुख्य विषयों पर अपनी बात रखी।
पहला मुद्दा जमशेदपुर कोऑपरेटिव लॉ कॉलेज को जमीन आवंटन से जुड़ा था। उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन प्राचार्य अमर सिंह द्वारा वर्ष 2003 में कॉलेज को जमीन आवंटित करने की बात कही जाती है, लेकिन यह प्रक्रिया नियमों को दरकिनार कर की गई प्रतीत होती है। उन्होंने कहा कि यदि उस समय विधिवत जमीन आवंटित की गई होती, तो कॉलेज को बार-बार अपनी जमीन के अभाव में बार काउंसिल ऑफ इंडिया से मान्यता के लिए गुहार नहीं लगानी पड़ती। इससे स्पष्ट होता है कि मामले में कहीं न कहीं अनियमितता हुई है।
दूसरा मुद्दा 24 अप्रैल को आयोजित कोल्हान विश्वविद्यालय की सीनेट बैठक से जुड़ा था। सोनू ठाकुर ने बताया कि वर्ष 2023 में जमशेदपुर कोऑपरेटिव कॉलेज में तत्कालीन प्राचार्य अमर सिंह के कार्यकाल के दौरान हुए कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की जांच के लिए राजभवन द्वारा आदेश दिया गया था, लेकिन अब तक जांच पूरी नहीं हो सकी है। उन्होंने कहा कि जब इस मुद्दे को बैठक में उठाया गया, तो अमर सिंह ने आपा खोते हुए छात्र प्रतिनिधियों के खिलाफ अभद्र और अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया।
कोल्हान छात्र संघर्ष मोर्चा ने इस व्यवहार की कड़ी निंदा करते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन से संबंधित व्यक्ति के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है। छात्र नेताओं ने स्पष्ट कहा कि केवल तबादले से वे संतुष्ट नहीं होंगे, बल्कि अमर सिंह से सार्वजनिक माफी और उचित कार्रवाई की अपेक्षा करते हैं। अन्यथा संगठन मानहानि का मुकदमा दर्ज करने पर विचार करेगा।
इस प्रेसवार्ता में कोल्हान विश्वविद्यालय के उपसचिव वीरेंद्र कुमार, दीपक पांडेय, कुंदन यादव, बिपिन शुक्ला समेत कई छात्र नेता एवं सदस्य उपस्थित रहे।
