
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आज पार्टी कार्यालय में हर्षोल्लास और गरिमामय वातावरण में झंडोत्तोलन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, कार्यकर्ताओं, समर्थकों एवं विभिन्न जनसंगठनों के प्रतिनिधियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत पार्टी के लाल झंडे के झंडोत्तोलन के साथ हुई, जिसके बाद “इंकलाब जिंदाबाद” और “भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी जिंदाबाद” के नारों से पूरा परिसर गूंज उठा। झंडोत्तोलन के पश्चात शहीदों और आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई, जिन्होंने देश की आज़ादी, मजदूरों, किसानों और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए अपना जीवन समर्पित किया।
इस अवसर पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए अंबुज ठाकुर ने कहा कि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने अपने 100 वर्षों के गौरवशाली इतिहास में देश के मजदूर, किसान, छात्र, नौजवान और आम जनता के हक़ और अधिकारों के लिए निरंतर संघर्ष किया है। आज़ादी की लड़ाई से लेकर सामाजिक न्याय, धर्मनिरपेक्षता, लोकतंत्र और समानता की स्थापना तक पार्टी की भूमिका ऐतिहासिक रही है।
वर्तमान समय में बढ़ती महंगाई, बेरोज़गारी, निजीकरण और सामाजिक असमानता के खिलाफ एक बार फिर जनआंदोलन को तेज़ करने की ज़रूरत है। पार्टी अपने सौ वर्षों की विरासत को आगे बढ़ाते हुए जनता की समस्याओं के समाधान के लिए संघर्ष जारी रखेगी।
कार्यक्रम के दौरान पार्टी के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए वक्ताओं ने 1925 में पार्टी की स्थापना से लेकर आज तक के संघर्षों, आंदोलनों और उपलब्धियों को याद किया। साथ ही आने वाले समय में संगठन को और मजबूत करने, युवाओं को पार्टी से जोड़ने और जनहित के मुद्दों पर सड़क से सदन तक लड़ाई लड़ने का संकल्प लिया गया।
