
मृतक की पहचान 40 वर्षीय नंदलाल टोपनो के रूप में की गई है। नंदलाल मोहन डेरा में रहकर मजदूरी का काम करता था और इसी से अपना गुजर–बसर चलाता था। रोज की तरह सुबह ग्रामीण नाले की ओर गए तो पानी के किनारे किसी व्यक्ति को पड़ा देख उनकी नजर शव पर पड़ी। इसकी सूचना तुरंत गांव के बाकी लोगों और स्थानीय पुलिस को दी गई।
गांव के लोगों के अनुसार नंदलाल शांत और मेहनती स्वभाव का व्यक्ति था। वह वर्षों से मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण कर रहा था। हालांकि, उसकी व्यक्तिगत या पारिवारिक स्थिति को लेकर ग्रामीणों ने अधिक जानकारी साझा नहीं की। घटना स्थल पर पहुंची पुलिस ने प्रारंभिक जांच की और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस कारणों की जांच कर रही है कि मौत हादसा है, बीमारी से हुई है या किसी अन्य वजह से।
ग्रामीणों ने बताया कि नंदलाल का आर्थिक संसाधन सीमित था, ऐसे में उसके अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी एक सामाजिक संस्था ने उठाई है। संस्था के सदस्यों ने कहा कि मानव सेवा उनका कर्तव्य है और जरूरतमंदों के अंतिम संस्कार में सहयोग करना उनकी प्राथमिकता है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और जबकि गांव में शोक का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मजदूरों की सुरक्षा और उनके हालात पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
