
उद्योगपति कैरव गांधी अपहरण कांड से जुड़े अपराधियों के साथ गुरुवार आधी रात जमशेदपुर पुलिस की मुठभेड़ हो गई. इस दौरान बिष्टुपुर थाना प्रभारी आलोक दुबे बाल- बाल बच गए. जानकारी के अनुसार पुलिस गिरफ्तार अपराधियों को हथियार बरामदगी के लिए सोनारी साईं मंदिर के पास लेकर पहुंची थी. इसी दौरान एक अपराधी ने पुलिसकर्मी की कारबाइन छीनकर फायरिंग शुरू कर दी. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें तीन अपराधियों के पैर में गोली लगी है. घायल अपराधियों की पहचान गुड्डू सिंह, मोहम्मद इमरान और रमीज राजा के रूप में हुई है. सिटी एसपी कुमार शिवाजी ने बताया कि गिरफ्तार अपराधी बिहार के गया और नालंदा के रहने वाले हैं. सभी को इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार चल रहा है. सिटी एसपी ने बताया कि पूछताछ के दौरान मिली सूचना के आधार पर पुलिस देर रात हथियार बरामद करने पहुंची थी. अपराधियों के बताए लोकेशन से हथियार और कारतूस भी बरामद किए गए हैं. इसी दौरान अपराधियों ने मौके का फायदा उठाकर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद पुलिस को जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी. घटना बिष्टुपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत साईं मंदिर के समीप रात करीब ढाई से तीन बजे के बीच की बताई जा रही है. आधी रात हुई इस मुठभेड़ के बाद शहर में सनसनी फैल गई है. मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार को डीजीपी तादाशा मिश्रा पूरे मामले को लेकर आधिकारिक ब्रीफिंग करेंगी. आपको बता दें किबीते 13 जनवरी को युवा उद्योगपति कैरव गांधी का अपहरण हुआ था. 27 जनवरी को पुलिस ने 14 दिन बाद उन्हें अपहर्ताओं के चंगुल से मुक्त करा कर परिजनों को सौंप दिया था. इस मामले में पुलिस अब तक आधा दर्जन अपराधियों को गिरफ्तार कर चुकी है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. फिलहाल एमजीएम अस्पताल सहित शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है.
