
इस अवसर पर सिख इतिहास और बलिदान की गौरवशाली परंपरा को याद किया जाएगा। बीते सात वर्षों से लगातार इस शहीदी दिहाड़े का आयोजन शहर के एग्रीको ट्रांसपोर्ट मैदान में किया जा रहा है। इस वर्ष के आयोजन में देशभर से प्रसिद्ध कीर्तन जत्थे, कथावाचक, ताड़ी जत्थे और इतिहासकार शामिल होंगे। कार्यक्रम के दौरान गुरु साहिब की जीवनी, उनके आदर्शों और बलिदान की गाथा को संगत के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार, दो दिवसीय इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है, जहां श्रद्धा, सेवा और शौर्य की भावना के साथ शहीदों को याद किया जाएगा।
