
जमशेदपुर: करनी सेना के नेता हिमांशु सिंह हत्याकांड को लेकर जमशेदपुर में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। बुधवार को मृतक के आवास के बाहर एक बार फिर हंगामे की स्थिति बन गई। पुलिस-प्रशासन के अधिकारी जब परिजनों से बातचीत करने पहुंचे तो उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा। नाराज परिजनों ने अधिकारियों को वापस लौटा दिया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
दरअसल, प्रशासन की ओर से मृतक की पत्नी ऋचा सिंह को नौकरी देने का प्रस्ताव रखा गया था। हालांकि, परिजनों की मांग है कि उन्हें स्थायी सरकारी नौकरी दी जाए। प्रशासन द्वारा अस्थायी नौकरी की पेशकश किए जाने से परिजन संतुष्ट नहीं हुए और उन्होंने विरोध तेज कर दिया।
परिजनों ने दो टूक कहा कि जब तक ऋचा सिंह को स्थायी नौकरी नहीं मिलती और हिमांशु सिंह की हत्या के आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।
इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता, मानगो की मेयर सुधा गुप्ता और झामुमो प्रवक्ता कुणाल सारंगी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। वहीं, जिला प्रशासन ने धालभूम एसडीओ के माध्यम से नौकरी का पत्र भेजा, लेकिन स्थायी नियुक्ति नहीं होने के कारण परिजनों ने इसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया।
मीडिया से बातचीत में पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि यदि पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला और शहर में कानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो 3 जुलाई को जमशेदपुर बंद का आह्वान किया जाएगा।