
गिरिडीह जिले के बिरनी प्रखंड के भरकट्टा ओपी क्षेत्र अंतर्गत तुलाडीह गांव में मंगलवार रात करीब 9 बजे लगी भीषण आग ने पूरे गांव को दहशत में डाल दिया। तेज हवा के कारण आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया और देखते ही देखते सात घर इसकी चपेट में आकर पूरी तरह जलकर राख हो गए।
इस भयावह अगलगी में लाखों रुपये की संपत्ति नष्ट हो गई। पीड़ित परिवारों के घरों में रखा अनाज, कपड़े, बर्तन, फर्नीचर और जरूरी कागजात तक जलकर खाक हो गए। हालात ऐसे हैं कि कई परिवारों के पास अब पहनने के लिए भी कपड़े नहीं बचे हैं और वे पूरी तरह दूसरों की मदद पर निर्भर हो गए हैं।
घटना के तुरंत बाद ग्रामीणों ने आग बुझाने के लिए बाल्टी, मोटर और पाइप का सहारा लिया और घंटों तक कड़ी मशक्कत करते रहे। इस दौरान कई लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर घरों से गैस सिलेंडर बाहर निकाले, जिससे बड़ा हादसा टल गया। हालांकि आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि स्थानीय स्तर पर किए गए सभी प्रयास नाकाफी साबित हुए।
ग्रामीणों में दमकल विभाग को लेकर भारी नाराजगी देखी गई। लोगों का आरोप है कि फायर ब्रिगेड की गाड़ी समय पर नहीं पहुंची, जिससे नुकसान और बढ़ गया। यदि समय रहते दमकल पहुंच जाती, तो कई घरों को बचाया जा सकता था।
इस हादसे में सात परिवार पूरी तरह बेघर हो गए हैं और अब खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। खासकर महिलाओं और बच्चों की स्थिति बेहद दयनीय बनी हुई है। भोजन, कपड़े और रहने की व्यवस्था को लेकर गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे और पीड़ितों को हरसंभव सहायता देने का भरोसा दिया। फिलहाल प्रभावित ग्रामीण प्रशासन से तत्काल राहत सामग्री, अस्थायी आवास और उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं। गांव में मातम पसरा हुआ है और सभी की निगाहें अब प्रशासनिक मदद पर टिकी हुई हैं।
