
जमशेदपुर में आज ईसाई समुदाय द्वारा ईस्टर का पर्व श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोग कब्रिस्तानों में पहुंचकर अपने पूर्वजों को याद कर रहे हैं। लोगों ने कब्रों पर फूल-मालाएं अर्पित कर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। पूर्व सांसद सुमन महतो ने कहा कि
ईसाई मान्यता के अनुसार, गुड फ्राइडे के दिन प्रभु यीशु मसीह को सूली पर चढ़ाया गया था और तीन दिन बाद वे पुनर्जीवित हुए थे। इसी विश्वास के आधार पर ईस्टर को जीवन, पुनर्जन्म और आशा के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है।
इस दिन श्रद्धालु अपने दिवंगत परिजनों को याद करते हुए यह आस्था व्यक्त करते हैं कि मृत्यु अंत नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है। पूरे शहर के चर्चों और कब्रिस्तानों में सुबह से ही प्रार्थना और श्रद्धांजलि का सिलसिला जारी है, जिससे वातावरण पूरी तरह श्रद्धामय बना हुआ है।
