
नहर और सुरंग के दोनों ओर करीब 100 मीटर चौड़ी भूमि पर पिछले तीन दिनों से लगभग 8 से 10 पक्के मकान खड़े कर दिए गए. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यह सभी कब्जे स्थानीय नेताओं की शह और प्रशासन की चुप्पी के कारण संभव हो रहे हैं.
बुधवार को परियोजना के अभियंता दयानंद जमुदा, अंचल टीम और सुंदरनगर पुलिस मौके पर पहुंचे और महिलाओं को समझाने का प्रयास किया. हालांकि महिलाएँ पीछे हटने को तैयार नहीं हुईं और उन्होंने आमीन स्टीफन सोरेन को घेरकर विरोध किया. स्थिति तनावपूर्ण होने पर थाना प्रभारी अजीत कुमार मुंडा ने हस्तक्षेप कर माहौल शांत कराया.
सीआई बलवंत सिंह ने आश्वासन दिया कि जल्द ही नापी कर कार्रवाई की जाएगी. अधिकारियों ने बताया कि नमोटोला में 2 किलोमीटर लंबाई में नहर निकल रही है और सुरंग एवं नहर के दोनों ओर सैकड़ों मकान अवैध रूप से बने हैं. प्रशासन की उपस्थिति में कुछ अतिक्रमण हटाए गए हैं और आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी. स्थानीय महिलाओं ने आरोप लगाया कि पहले से कब्ज़ा किए गए मकानों के विरोध में उन्हें हटाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन JLKM पार्टी से जुड़े नेता कार्तिक गोप के रिश्तेदारों द्वारा किये गए अवैध कब्जों को नहीं हटाएगा, तो वे भी पीछे नहीं हटेंगी. हालांकि इस दौरान भू माफिया भूमिगत ही रहे. कुल मिलाकर कहे तो स्थानीय नेताओं के संरक्षण में सरकारी जमीन की बड़े पैमाने पर लूट चल रही है. आलम यह हो चला है कि जमीन की रक्षा करने में पुलिस और प्रशासन भी नाकाम साबित हो रहे हैं.
