
जानकारी के अनुसार, 9 युवक झील में घूमने आए थे, जो सभी कारपेंटर का काम करते हैं। इनमें से 6 युवक नहाने के लिए झील में उतरे थे। गिरिडीह जिले के रहने वाले 21 से 22 वर्षीय कृष्णा राणा सबसे आख़िर में पानी में गया था। कुछ समय बाद अचानक वह डूबने लगा। उसके साथ आए दोस्तों ने उसकी मदद करने की पूरी कोशिश की, लेकिन पानी का गहराई अधिक होने के कारण वे उसे बचा नहीं पाए। बाद में सभी बाहर आ गए।मौके पर मौजूद लोगों और अन्य युवकों ने पुलिस को तुरंत सूचना दी, लेकिन पुलिस के देर से पहुंचने से राहत और बचाव कार्य की बजाय औपचारिक पूछताछ चलती रही। इस बीच, काफी देर बाद मछुआरे घटनास्थल पर पहुंचे और उन्होंने कृष्णा राणा को पानी से बाहर निकाला। परंतु तब तक बहुत देर हो चुकी थी। कृष्णा राणा की मौके पर ही मौत हो गई।यह कोई पहली घटना नहीं है जब डिमना झील में ऐसा हादसा हुआ हो। पिछले कुछ सालों में कई बार डूबने की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन प्रशासन द्वारा अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। न तो झील के किनारे लाइफगार्ड की व्यवस्था की गई है, न चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं। स्थानीय लोग भी बार-बार प्रशासन से इस समस्या का समाधान करने की मांग कर चुके हैं। इसके बावजूद किसी ने ध्यान नहीं दिया।इस हादसे ने प्रशासन की लापरवाही और जिम्मेदारी से मुँह मोड़ने पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल प्रभाव से जरूरी कदम उठाने की आवश्यकता है।
