
जमशेदपुर: पुरानी बस्ती स्थित तेल लाइन के समीप आगामी 31 अगस्त को 29वीं सालाना ‘दयार-ए-हबीब कॉन्फ्रेंस’ का आयोजन किया जाएगा। नौजवान कारवान-ए-मिलत कमेटी के तत्वावधान में आयोजित होने वाला यह धार्मिक कार्यक्रम ईशा की नमाज के बाद शुरू होगा, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है।
कार्यक्रम के संबंध में जानकारी देते हुए कमेटी के प्रतिनिधि कलाम अंसारी ने बताया कि यह सम्मेलन पिछले 29 वर्षों से लगातार आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कॉन्फ्रेंस का मुख्य उद्देश्य पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) के जीवन, चरित्र और उनकी शिक्षाओं को लोगों तक पहुंचाना है, ताकि समाज में भाईचारा, नैतिकता और मानवता के मूल्यों को बढ़ावा मिल सके।
उन्होंने बताया कि सम्मेलन में सीरत-उन-नबी के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। वक्ता पैगंबर मोहम्मद साहब के जीवन से जुड़ी प्रेरणादायक घटनाओं और उनके संदेशों को लोगों के सामने रखेंगे, जिससे विशेष रूप से युवाओं को सकारात्मक दिशा और बेहतर मार्गदर्शन मिल सके।
कॉन्फ्रेंस में देश के विभिन्न हिस्सों से प्रसिद्ध उलेमा और शायर शिरकत करेंगे। मुख्य वक्ताओं में प्रतापगढ़ (उत्तर प्रदेश) के मौलाना आसिफ रजा सैफी और फैजाबाद के मौलाना अहमद उल फतेह शामिल हैं। इसके अलावा स्थानीय उलेमा, धार्मिक विद्वान और समाजसेवी भी कार्यक्रम को संबोधित करेंगे।
इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में नौजवान कारवान-ए-मिलत कमेटी के हलीम कुरैशी, मोहम्मद एयसान, शफीउर रहमान (राजू), फिरोज अहमद, इमरान कैफी, मोहम्मद इरफान, कलाम अंसारी, इकबाल नूरी, हाजी अफरोज उद्दीन, मोहम्मद मुस्ताक, मोहम्मद सिकंदर, मोहम्मद इरशाद, फैयाज, नसीम फिरदौसी एवं शकील अहमद उर्फ लालू सहित अन्य सदस्य सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं।
आयोजकों ने जमशेदपुर के तमाम शहरवासियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में शामिल होकर 29वीं सालाना ‘दयार-ए-हबीब कॉन्फ्रेंस’ को सफल बनाएं।
कमेटी का कहना है कि यह आयोजन न केवल धार्मिक जागरूकता बढ़ाने का माध्यम है, बल्कि समाज में एकता, भाईचारे, नैतिकता और सद्भाव का संदेश भी देता है।