
झारखण्ड हाई कोर्ट के निर्देश पर नक्शा विचलन कर बनाए गए भावनों के खिलाफ जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति ने एक्शन तेज कर दिया है. सोमवार को जेएनएसी के उपनगर आयुक्त कृष्ण कुमार के नेतृत्व में शहर के वैसे क्षेत्र जहां नक्शा विचलन कर भवन बनाए गए है अभियान चलाया गया. यह कार्रवाई बिष्टुपुर और साकची इलाके में शुरू की गई. अभियान की शुरुआत होते ही नक्शा विचलन कर बनाए गए भवन मालिकों में हड़कंप मच गया. बताया जा रहा है कि लगभग दो दर्जन ऐसे भवन मालिक हैं जिन्होंने नक्शा विचलन कर आलीशान इमारतें खड़ी कर ली है. प्रशासन और कोर्ट के निर्देश के बाद भी उनके द्वारा अवैध निर्माण कार्य नहीं हटाया गया अंततः हाई कोर्ट ने मामले पर संज्ञान लिया और कार्रवाई का निर्देश दिया. उधर JNAC की कार्रवाई से नाराज भवन मालिकों का कहना है कि उनके द्वारा एक साल पूर्व ही JNAC के निर्देश पर जुर्माना भर दिया गया है. मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है. इस बीच अचानक से हाईकोर्ट के निर्देश पर JNAC द्वारा उनके निर्माण कार्य को तोड़ना और संवैधानिक है. भवन मालिकों ने आरोप लगाया कि केवल 24 भावनो पर ही कार्रवाई कहीं ना कहीं दुर्भावना से ग्रसित कार्रवाई प्रतीत होती है, जबकि शहर में ऐसे सैकड़ो प्रतिष्ठान है जिन्होंने नक्शा विचलन कर भवन निर्माण कार्य किया है. अब देखना यह दिलचस्प होगा कि प्रशासन के इस कार्रवाई के बाद नक्शा विचलन कर बिल्डिंग बनाने वाले भवन मालिकों का अगला रुख क्या होता है.
