
घटना मंगलवार की आधी रात करीब 12:30 बजे की बताई जा रही है। शेखर की बहन सरस्वती दास ने बताया कि जब वह रात को घर लौटी, तो उसने घर के बाहर अपने भाई को लहूलुहान अवस्था में गिरा हुआ देखा। उसके शरीर से काफी खून बह रहा था और वह अचेत था। स्थिति गंभीर देखकर उसने तुरंत पड़ोसियों की मदद से इसकी सूचना सीतारामडेरा थाना पुलिस को दी।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शेखर को इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार शुरू किया, लेकिन गंभीर जख्म और अत्यधिक खून बह जाने के कारण कुछ देर बाद शेखर की मौत हो गई। डॉक्टरों के अनुसार उसे नजदीक से गोली मारी गई थी।मृतक शेखर नया कोर्ट के पास एक निजी पार्किंग में काम करता था और रोजाना रात में घर लौटता था। बहन सरस्वती दास ने पुलिस को बयान दिया कि उसके भाई का स्थानीय युवक राहुल सिंह और उसके साथी डब्लू से पुराना विवाद चल रहा था। उसने आशंका जताई है कि इसी विवाद के चलते दोनों ने मिलकर शेखर की हत्या कराई होगी। बताया जाता है कि राहुल सिंह देवनगर में अवैध दारू भट्टी चलाता है, जिसके कारण अक्सर इलाके में तनाव की स्थिति रहती है। शेखर और राहुल के बीच कई बार कहासुनी हुई थी। परिवार का कहना है कि विवाद बढ़ते रहने की वजह से उन्होंने पहले भी शेखर को धमकी दी थी।
