
पूर्व मुख्यमंत्री ने अंचल अधिकारी से तत्काल प्रभावित परिवार को सरकारी सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. साथ ही उन्होंने पीड़ित परिवार को गोद लेने का ऐलान किया और कहा कि सरकार अपने स्तर से जो भी सहयोग करेगी करें मैं व्यक्तिगत तौर पर पीड़ित परिवार को मकान बनाकर दूंगा. उन्होंने घटना पर चिंता जताई. साथ ही लोगों से अपील किया कि जिनके भी मकान बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हो रहे हैं वह अपनी सूची अंचल कार्यालय में जमा कर दे ताकि समय रहते उनके मकानों को दुरुस्त कराया जा सके. वहीं पूर्व मुख्यमंत्री ने पिछले दिनों नगड़ी आंदोलन के दौरान सरकार द्वारा नजरबंद किए जाने के सवाल पर कहा कि भले सरकार ने उन्हें नजर बंद कर लिया मगर उनके आंदोलन की नैतिक जीत हुई और किसानों ने अपनी मंशा साफ कर दिया. उन्होंने सरकार को आदिवासी- मूलवासी विरोधी करार दिया. उधर सूर्या हांसदा एनकाउंटर मामले पर भी पूर्व मुख्यमंत्री ने सरकार को कटघरे में खड़ा किया और कहा कि एक आदिवासी युवक क्षेत्र में अपराधियों के खिलाफ आवाज बुलंद कर रहा था जिसे वर्तमान सरकार ने दबा दिया. विपक्ष अभी भी सीबीआई जांच की मांग पर अड़ा है. हम तब तक चुप नहीं बैठने वाले जब तक सूर्या हांसदा को इंसाफ नहीं मिल जाता.
