
वे पिछले कई वर्षों से बीमार चल रहे थे। तबीयत बिगड़ने के बाद 19 जून से उन्हें दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां आज 4 अगस्त को उन्होंने अंतिम सांस ली।मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया पर खुद अपने पिता के निधन की पुष्टि कीराज्य सरकार ने पूरे झारखंड में राजकीय शोक की घोषणा कर दी है। जल्द ही उनका पार्थिव शरीर रांची लाया जाएगा11 जनवरी 1944 को जन्मे शिबू सोरेन आदिवासी राजनीति के सबसे बड़े नेता माने जाते थे। वे दुमका लोकसभा सीट से 8 बार सांसद बने (1980, 1986, 1989, 1991, 1996, 2004, 2009 और 2014)। इसके अलावा वे तीन बार झारखंड के मुख्यमंत्री और दो बार राज्यसभा सांसद भी रहे।शिबू सोरेन के निधन से पूरे झारखंड में शोक की लहर है।
