झारखण्ड विधानसभा चुनाव के करीब आते ही राज्य मे राजनीती तेज़ हो गई है,

जहां एक तरफ नये नये शिल्यान्यास हो रहे हैँ वहीँ दूसरी और पुरानी शिलापटों को कोने मे फेंका भी जा रहा है, मामला पटमदा प्रखंड क्षेत्र के बामणी गांव का है, जहां बने कोल्ड स्टोरेज के शिल्यान्यास का शिलापट्ट कोने में फेंक दिया गया है, बता दे वर्ष 2019 में तत्कालीन विधायक रामचंद्र सहित एवं जिले के सांसद के प्रयास से कोल्ड स्टोरेज निर्माण को स्वीकृति मिली थी, कालांतर में सरकार बदल गई और कोल्ड स्टोरेज निर्माण के बाद भी कई वर्षों तक इसे शुरू नहीं किया गया था, आज गुरुवार को आनन फानन मे चुनाव आचार संहिता लगने से कुछ ही दिनों पूर्व इस कोल्ड स्टोरेज को पीपीइ मोड पर शुरू कर दिया गया, वैसे राज्य के मुख्यमंत्री ने वर्ष 2021 में इसका ऑनलाइन उद्घाटन कर दिया था बावजूद इसके कोल्ड स्टोरेज को शुरू नहीं किया गया था, इस मामले पर क्षेत्र के पूर्व विधायक सा पूर्व मंत्री रामचंद्र सहित ने इसे ओछी राजनीति करार दिया है, उन्होंने कहा कि उनके पहले बार विधायक बनने से पूर्व से ही क्षेत्र के लोगों की मांग थी की क्षेत्र में एक कोल्ड स्टोरेज का निर्माण हो, और इसी कारण उन्होंने अपने कार्यकाल में ही कोल्ड स्टोरेज निर्माण का शिलान्यास कर दिया था और समय अनुसार वह पूरा भी हो चुका था, उन्होंने कहा कि आज जी कोल्ड स्टोरेज की शुरुआत की गई है यह साढ़े चार वर्ष पूर्व ही हो जाने चाहिए थी, ताकि पूर्व से किसानों को इसका लाभ मिलता, साथ ही शिलापट्ट के विषय में उन्होंने कहा कि शिलापट्ट रहे या ना रहे लेकिन जनता को पता है कि क्षेत्र में विकास कार्य किसने किया है. और समय आने पर जनता इसका जवाब भी देगी

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