कोविड-19 का शिक्षा एवं विद्यार्थियों पर प्रभाव – एक मनोवैज्ञानिक विश्लेषण विषय पर एक दिवसीय वेबीनार का किया गया आयोजन।

जमशेदपुर : गोलमुरी स्थित एबीएम महाविद्यालय के तत्वधान में मनोविज्ञान विभाग द्वारा कोविड-19 का शिक्षा एवं विद्यार्थियों पर प्रभाव – एक मनोवैज्ञानिक विश्लेषण विषय पर एक दिवसीय वेबीनार का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की वंदना से हुई, जिसे महाविद्यालय के छात्र मुकुंद पांडे ने प्रस्तुत किया। साथ ही महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ० मुदिता चंद्रा ने सभी अतिथियों के लिए स्वागत वक्तव्य दिया। मनोविज्ञान विभाग की शिक्षिका प्रो० प्रिया सिंह ने विषय प्रवेश कराया। इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के नाते डॉ० संजीता प्रसाद, सीनियर क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट, सेंट स्टीफेंस हॉस्पिटल, दिल्ली थी। उन्होंने छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि कोरोना वायरस में बच्चों में डिप्रेशन, चिड़चिड़ापन, गुस्सा, बोर होना इत्यादि बढा है। बच्चे पहले आउटडोर खेल को जाया करते थे, जबकि आज इंडोर खेल, इंटरनेट‌ के साथ ही एकांकी प्रवृत्ति बढा है। बच्चे काफी तनावग्रस्त हो गए हैं। उनमें थोड़े थोड़े कारणों के कारण आत्महत्या की प्रवृत्ति बढ़ी है। बच्चों को इस विपरीत परिस्थिति में परिवार के सदस्यों, मित्र के साथ समय व्यतीत करना चाहिए। साथ ही अपने परेशानियों को उनके साथ साझा करना चाहिए। इस समय में अच्छी किताबें पढ़ना, महापुरुषों की जीवनी पढना, अच्छा संगीत सुनना, जिनमें आपको रुचि है, उस कार्य को पूरे मनोयोग से करना चाहिए। सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना, अच्छी बातों को सीखना। इन सब चीजों से आपके अंदर सकारात्मक सोच की प्रवृत्ति विकसित होगी। जिससे आप इस संकट और समस्या का समाधान अच्छी तरीके से ढूंढ पाएंगे। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एलबीएसएम कॉलेज के प्राचार्य डॉ अमर कुमार सिंह ने संबोधित करते हुए कहा कि आज जो परिस्थिति बनी है, उसके लिए मनुष्य स्वयं जिम्मेदार है। क्योंकि प्रकृति से हमने ज्यादा छेड़छाड़ करना शुरू कर दिया है। मनुष्य की प्रवृत्ति राक्षसी हो गई है, इसलिए प्रकृति अपना बदला ले रहा है। आज हम अपनी आवश्यकताओं के अंधानुकरण की दौड़ में काफी पर्यावरण को क्षति पहुंचा रहे, इसलिए बच्चे और शिक्षक प्रकृति प्रेमी बने। उनका सुरक्षा और संरक्षण हमारी जिम्मेवारी है। तभी प्रकृति भी हमारा संरक्षण करेगी । इस कार्यक्रम में एबीएम महाविद्यालय की मनोविज्ञान विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ पूनम सहाय ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के छात्र छात्राओं में सचिन कुमार तिवारी, सुषमा कुमारी झा, काजल कुमारी गुप्ता, पीहू मंडल, पूजा दास ने भी अपने विचार व्यक्त किए। साथ ही इस कार्यक्रम का संचालन नवनीत कुमार सिंह ने किया। जबकि धन्यवाद ज्ञापन ओड़िया विभाग के अध्यक्ष और इंटरमीडिएट इंचार्ज डॉ बी बी भुइयां ने किया। इस कार्यक्रम में तकनीकी सहायक के रूप में प्रोफेसर भवेश कुमार ने सहयोग किया। साथ ही इस वेबीनार में अन्य महाविद्यालय के शिक्षक और अन्य छात्र छात्राएं भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

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