
हिन्दू पीठ जमशेदपुर का एक प्रतिनिधिमंडल अध्यक्ष अरुण सिंह के नेतृत्व मे जमशेदपुर के उपायुक्त से मुलाकात कर कहा कि भारत के प्रत्येक प्रांत के लोग जमशेदपुर शहर मे रहते है इसलिए इस शहर को लधू भारत भी कहा जाता है जमशेदपुर मे प्रत्येक वर्ष अनेको धार्मिक आयोजन किया जाता है जिसमें देवी-देवताओ के मूर्ति का पूजन किया जाता है हिन्दू धार्मिक मनेताओ के अनुसार नदी धाट से जल लेकर पूजन कार्य प्रारंभ हो कर समापन यानी विसर्जन नदी धाट पर किया जाता है। इस वर्ष जमशेदपुर मे लगातार वारिस होने के कारण नदी का जल स्तर बढ़ा हुआ है और सभी विसर्जन धाट का तट गीला होने के साथ-साथ फिसलनुमा हो गया है जिसके कारण भगवान गणपति जी एंव भगवान विश्वकर्मा जी का मूर्तियो के विसर्जन मे परेशानी हो सकती है इस वर्ष गणेश पूजा 14 सितंबर और विश्वकर्मा पूजा 17/ 18 सितंबर होनी है। इसलिए जमशेदपुर शहर के प्रमुख धाटों पर सुरक्षा,लाईट एवं गोताखोर की व्यस्था का जाए। जमशेदपुर शहर मे अनको विसर्जन धाट है परंतु एक भी मॉडल धाट नही है जमशेदपुर के लोग सबसे अधिक स्वर्ण रेखा धाट साकची का उपयोग करते है जल भरी एवं मूर्तियो का विसर्जन सबसे अधिक इसी नदी धाट पर होता है।
अतः आप से आग्रह है कि स्वर्ण रेखा धाट साकची जाने वाली रास्ते समुचित लाइट्स,सुरक्षा,गोताखोर की व्यस्था की जाए ताकि भगवान गणेश जी एंव भगवान विश्वकर्मा जी की मूर्तियो का विसर्जन करने मे परेशान ना हो।हिन्दू पीठ के प्रतिनिधिमंडल मे महासचिव दिलजय बोस सुरक्षा प्रमुख सोमनाथ सिंह एवं ज्योत्सना सरकार शामिल थी।