
झारखंड की राजनीति में एक ऐसा संयोग सामने आया है, जिसने हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया है.राज्य के शिक्षा विभाग से जुड़े तीन मंत्रियों का महज साढ़े तीन वर्षों के भीतर निधन हो चुका है.सबसे पहले जगरनाथ महतो का निधन 6 अप्रैल 2023 को हुआ. वे झारखंड सरकार में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता मंत्री रहे थे. उनके निधन से राज्य की राजनीति को बड़ा झटका लगा था.इसके बाद रामदास सोरेन, जो स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे थे का 15 अगस्त 2025 को निधन हो गया. उनके निधन ने एक बार फिर शिक्षा विभाग को गहरा आघात पहुंचाया.
अब सुदिव्य कुमार सोनू जो उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग से जुड़े मंत्री थे, के निधन की खबर ने इस संयोग को और चर्चा में ला दिया है.
तीन मंत्री, एक विभाग और लगातार तीन दुखद घटनाएं
2023 से 2026 के बीच शिक्षा विभाग से जुड़े तीन मंत्रियों की असामयिक मौत ने झारखंड की सियासत में एक बेहद दुर्भाग्यपूर्ण अध्याय जोड़ दिया है. लगातार हुई इन मौतों के कारण यह संयोग राजनीतिक गलियारों से लेकर आम लोगों के बीच चर्चा का विषय जरूर बन गया है.झारखंड के शिक्षा विभाग से जुड़े तीन चेहरों का यूं एक के बाद एक दुनिया से चले जाना निश्चित रूप से बेहद पीड़ादायक और दुर्भाग्यपूर्ण संयोग है।