
जमशेदपुर एमजीएम अस्पताल के गायनिक वार्ड में ड्यूटी के दौरान होमगार्ड जवानों एवं दो युवकों के बीच हुए विवाद के संबंध में झारखंड होमगार्ड वेलफेयर एसोसिएशन ने होमगार्ड जवानों के पक्ष में अपना स्पष्ट रुख रखते हुए कहा है कि ड्यूटी के दौरान होमगार्ड जवानों द्वारा अपनी जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा एवं अनुशासन के साथ निभाई गई है।
झारखंड होमगार्ड वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश महासचिव राजीव कुमार तिवारी ने कहा कि गायनिक वार्ड की संवेदनशीलता को देखते हुए वहां अनधिकृत रूप से पुरुषों का जाना उचित नहीं है। इसी क्रम में जब दो युवक गायनिक वार्ड की ओर जा रहे थे, तो वहां ड्यूटी पर तैनात महिला होमगार्ड जवानों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया । महिला जवानों द्वारा अपनी ड्यूटी के तहत रोकने पर दोनों युवकों द्वारा बहस की जाने लगी।
स्थिति को नियंत्रित करने के उद्देश्य से महिला होमगार्ड जवानों ने पुरुष होमगार्ड जवानों को बुलाया, ताकि दोनों युवकों को वहां से हटाया जा सके और अस्पताल की व्यवस्था एवं मरीजों की सुरक्षा बनी रहे। लेकिन आरोप है कि इसके बाद भी दोनों युवकों द्वारा बहस एवं हाथापाई की स्थिति उत्पन्न की गई। इस दौरान होमगार्ड जवानों की वर्दी तक फाड़ दी गई।
श्री तिवारी ने कहा कि पूरे घटनाक्रम को निष्पक्ष रूप से देखने की आवश्यकता है । जो होमगार्ड जवान अस्पताल के संवेदनशील गायनिक वार्ड की सुरक्षा एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपनी ड्यूटी कर रहे थे, उन्हीं जवानों को प्रथम दृष्टया दोषी ठहराना कहीं से भी उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि पुरुष होकर गायनिक वार्ड की ओर जाने वाले व्यक्तियों को रोकना महिला होमगार्ड जवानों की ड्यूटी का हिस्सा था। यदि जवानों ने अस्पताल की व्यवस्था और मरीजों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अपने कर्तव्य का निर्वहन किया, तो इसे उनकी गलती के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
प्रदेश महासचिव ने कहा कि ईमानदारी एवं कर्तव्यनिष्ठा से ड्यूटी करने के बावजूद यदि होमगार्ड जवानों पर ही आरोप लगाए जाते हैं या उन्हें कार्रवाई का सामना करना पड़ता है, तो इससे ड्यूटी पर तैनात जवानों का मनोबल प्रभावित होगा। किसी भी घटना में कार्रवाई करने से पहले सभी पक्षों की भूमिका, उपलब्ध साक्ष्य एवं घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
भाजपा द्वारा अपने कार्यकर्ताओं के बचाव और होमगार्ड जवानों पर आरोप लगाने का विरोध
राजीव कुमार तिवारी ने कहा कि इस मामले में भाजपा की ओर से जिस प्रकार अपने कार्यकर्ताओं का बचाव करते हुए होमगार्ड जवानों पर ही आरोप लगाए जा रहे हैं, झारखंड होमगार्ड वेलफेयर एसोसिएशन उसका पुरजोर विरोध करता है।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक प्रभाव या दबाव के आधार पर किसी भी होमगार्ड जवान को दोषी ठहराना उचित नहीं है। होमगार्ड जवान भी कानून एवं नियमों के अधीन अपनी ड्यूटी करते हैं और उन्हें भी निष्पक्ष जांच तथा न्यायपूर्ण कार्रवाई का अधिकार है।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि:
“होमगार्ड जवानों ने अपनी ड्यूटी पूरी ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ निभाई है। यदि किसी जवान ने अस्पताल की सुरक्षा एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए किसी व्यक्ति को संवेदनशील वार्ड में जाने से रोकने का प्रयास किया है, तो उसे उसकी ड्यूटी का निर्वहन माना जाना चाहिए, न कि अपराध।”
श्री तिवारी ने कहा कि यदि इस पूरे मामले में किसी भी होमगार्ड जवान के विरुद्ध बिना निष्पक्ष जांच एवं पर्याप्त आधार के कार्रवाई की जाती है, तो झारखंड होमगार्ड वेलफेयर एसोसिएशन उसका संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक तरीके से जोरदार विरोध करेगा।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, अस्पताल में लगे सीसीटीवी फुटेज एवं अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जाए तथा वास्तविक दोषियों की भूमिका निर्धारित करने के बाद ही कोई कार्रवाई की जाए। किसी निर्दोष होमगार्ड जवान को केवल दबाव या एकतरफा आरोप के आधार पर प्रताड़ित न किया जाए।
— राजीव कुमार तिवारी
प्रदेश महासचिव
झारखंड होमगार्ड वेलफेयर एसोसिएशन