भोजपुर एनकाउंटर के बाद बवाल, NH-922 जाम; शाहपुर थानाध्यक्ष समेत 5 पुलिसकर्मी निलंबित

Spread the love

आरा: भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में पुलिस मुठभेड़ में भरत भूषण तिवारी की मौत के बाद गुरुवार को भारी हंगामा देखने को मिला। आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर आरा-बक्सर एनएच-922 को जाम कर दिया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।
मृतक के पिता काशीनाथ तिवारी ने पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्होंने पहले ही पुलिस को अपने बेटे की मानसिक स्थिति के बारे में जानकारी दी थी। उनका दावा है कि भरत का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था और उसे जिंदा गिरफ्तार किया जा सकता था।
काशीनाथ तिवारी ने कहा कि वह खुद थाना जाकर पुलिस से बेटे को पकड़ने और समझाने की गुहार लगा चुके थे, लेकिन उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के दौरान उन्हें पूरे दिन थाने में बैठाकर रखा गया और बाद में केवल यह जानकारी दी गई कि भरत के पैर में गोली लगी है और उसका इलाज चल रहा है। कुछ देर बाद बेटे की मौत की सूचना दे दी गई।
परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई को फर्जी मुठभेड़ बताते हुए न्यायिक जांच और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि बड़ी संख्या में पुलिस बल और एसटीएफ की मौजूदगी के बावजूद भरत को जिंदा गिरफ्तार किया जा सकता था।
गौरतलब है कि बुधवार को बिलौटी गांव में कई घंटे तक चले घटनाक्रम के दौरान भरत भूषण तिवारी फेसबुक लाइव के जरिए पुलिस और प्रशासन को चुनौती देता रहा था। पुलिस का दावा है कि उसने पुलिस टीम पर फायरिंग की थी, जिसके बाद आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की गई। वहीं, परिजन इस दावे को खारिज करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
इस मामले में कार्रवाई करते हुए भोजपुर एसपी की अनुशंसा पर शाहाबाद प्रक्षेत्र के डीआईजी सत्यप्रकाश ने शाहपुर थानाध्यक्ष राजेश मालाकार को निलंबित कर दिया है। इसके अलावा एक सब-इंस्पेक्टर (एसआई) और तीन पुलिस जवानों को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। मामले की जांच जारी है और गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *