
बरवाअड्डा थाने की पुलिस ने 6 दिनों से रिमांड पर चल रहे गैंगस्टर प्रिंस के गुर्गे सैफी के नाम का दुरुपयोग करने वाले ‘नकली विलेन’ को धर दबोचा; फिल्मी डायलॉग की नकल में व्यापारी को दी थी ‘मरने को तैयार रहो’ की धमकी.
बॉलीवुड की सुपरहिट फिल्म ‘सिंघम’ (2011) में भ्रष्ट राजनेता जयकांत शिकरे को बाजीराव सिंघम ने धूल चटा दी थी। लेकिन हकीकत में धनबाद का एक ‘फर्जी जयकांत’ पुलिस के जाल में फंस गया। बरवाअड्डा थाना क्षेत्र में एक व्यापारी से 1 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने का प्रयास करते हुए आरोपी ने कुख्यात गैंगस्टर ‘प्रिंस खान’ और सैफी के नाम का सहारा लिया। धमकी भरा मैसेज था — “रंगदारी का पैसा न पहुंचा तो मरने को तैयार रहो।”
घटना तब उजागर हुई जब व्यापारी ने हिम्मत जुटाकर बरवाअड्डा थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस को तुरंत शक हुआ कि यह कोई ‘छिंडी चोर’ है, जो शेर की खाल ओढ़कर वार कर रहा है। जांच में खुलासा हुआ कि पिछले 6 दिनों से प्रिंस खान के खास सेफ्टी कस्टडी (पुलिस रिमांड) में था। ऐसे में उसके नाम से धमकी कौन दे रहा था? तेज-तर्रार SSP प्रभात कुमार के नेतृत्व में धनबाद पुलिस ने तुरंत तहकीकात तेज कर दी।
कुछ ही घंटों में पुलिस ने आरोपी को ट्रैक कर गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि यह ‘फर्जी जयकांत शिकरे’ स्थानीय स्तर का अपराधी है, जो फिल्मों से प्रेरित होकर गैंगस्टर बनने का सपना देख रहा था। उसके पास से रंगदारी के लिए इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन और धमकी के सबूत बरामद हुए। SP ऋत्विक श्रीवास्तव ने बताया, “यह ‘सिंघम’ मूवी के विलेन जयकांत का फैन था, लेकिन असल जिंदगी में उस पर डकैती, चोरी जैसे मामले पहले भी दर्ज़ थे और कई बार जेल भी जा चूका है उसने जल्द पैसे कमाने के चक्कर मे प्रिंस और सैफी उर्फ़ मेज़र का नाम लेकर रंगदारी मांगी थी . हमारी टीम ने साइबर फॉरेंसिक और लोकल इंटेलिजेंस से इसे पकड़ लिया। प्रिंस खान गैंग के नाम का दुरुपयोग अब बर्दाश्त नहीं होगा।”
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ IPC की धारा 384 (रंगदारी), 506 (आपराधिक धमकी) और IT एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। यह गिरफ्तारी धनबाद में रंगदारी माफिया के खिलाफ चल रही मुहिम को नई ताकत देगी। क्या यह ‘रील लाइफ’ से ‘रीयल लाइफ’ का नया चैप्टर है? पुलिस का कहना है—अभी और खुलासे बाकी हैं।