
मिर्जाडीह बाँध विस्थापित एवं रैयत संघर्ष मोर्चा के बैनर तले इनके द्वारा कुल 21 गावं के ग्राम प्रधान, मुखिया सहित सैकड़ों ग्रामीणों ने डिमना चौक से पैदल पारम्परिक हथियारों के साथ पैदल यात्रा करते हुए जिला मुख्यालय पहुंचे और जोरदार प्रदर्शन किया, इनके द्वारा पांच सूत्री मांग पत्र भी जिला उपायुक्त को सौंपा गया हैँ, मुख्य रूप से मिर्जाडीह रैयतों के घर तोड़ने वाले दोषियों की गिरफ़्तारी, सभी गावों के सड़क निर्माण करवाये जाने, विस्थापितों को विस्थापन प्रमाण पत्र दिये जाने, टाटा लीज नविकरण कमिटी मे विस्थापित प्रतिनिधि को शामिल करने जैसे मांगे शामिल हैँ, प्रदर्शनकारीयों ने कहा की राजकीय शोक के दौरान टाटा कंपनी एवं जिला प्रसाशन के मिली भगत से रैयतों के घर को तोड़ा गया, जिससे यह प्रतीत होता हैँ की राज्य सरकार और जिला प्रसाशन टाटा कंपनी के इशारे पर चल रही हैँ, यहाँ मुलवासियो का लगातार दमन किया जा रहा हैँ, लेकिन इनके साथ इंसाफ नहीं हो रहा हैँ, ऐसे मे अब सभी मूलनिवासी रैयत आंदोलन का रुक अपना चुके हैँ और अगर 30 दिनों के भीतर इनके मांगो पर करवाई नहीं होती हैँ तो आगे इनके द्वारा उग्र से उग्र आंदोलन किया जायेगा.
