
सोमवार सुबह करीब 11:30 बजे बारिगोड़ा देवगम टोला में यह हादसा हुआ।
जानकारी के मुताबिक मृतक आशीष करूवा महज 9 महीने का था। उसी समय उसकी बड़ी बहन, 8 साल की लक्षिता, उसके साथ खेल रही थी।
तभी घर के पास बन रहे टुन्नु जसवाल के यहां सीमेंट उतार कर एक मालवाहक टेंपो ने बेक करने के चक्कर में दीवार में टक्कर मार दी। और
दीवार गिरते ही दोनों बच्चे मलबे में दब गए। आनन-फानन में परिजन दोनों को टाटा मोटर्स अस्पताल लेकर पहुंचे… जहां डॉक्टरों ने आशीष को मृत घोषित कर दिया, जबकि लक्षिता का पैर टूट गया है। हादसे के बाद परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। हादसे के वक्त घर में सुखराम की पत्नी घर में थी और हादसे का वक्त मृतक की मां अस्नान कर रही थी
घटना के बाद इलाके में कोहराम मच गया।
मृतक के पिता सुखराम करूवा लाफार्ज कंपनी में ठेका मजदूर हैं। परिजनों ने आरोप लगाया है कि संकरी सड़क पर गिट्टी गिरा कर रखी है, जिससे आवागमन मुश्किल हो जाता है। इसी बीच टेंपो चालक ने जबरन गाड़ी बैक करने की कोशिश की और घर की दीवार में ठोकर मार दी।
इससे 9 महीने के आशीष की मौके पर ही मौत हो गई।
इधर, घटना की सूचना मिलते ही परसुडीह थाना पुलिस मौके पर पहुंची और टेंपो व चालक को हिरासत में लेकर थाने ले आई।
पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।
फिलहाल इस दर्दनाक हादसे के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। आपको बताते चले की सुखराम करूवा को बड़ी मन्नत करने के बाद तीन बेटी में एक बेटा हुआ था जिसे सोमवार को उसकी दर्दनाक हादसे में मौत हो गई है
9 महीने के मासूम की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। परिजन आरोपों के साथ न्याय की गुहार लगा रहे हैं।
