
झामुमो नेताओं ने बताया कि इस क़ानून के जरिय केंद्र सरकार विपक्ष को समाप्त करना चाहती है. हम केंद्र के सुधारात्मक नीतियों का समर्थन करते हैं मगर इस तरह का बिल का पुरजोर विरोध किया जाएगा. बता दें कि जो बिल लाया गया हैं उसके अनुसार प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री भी यदि किसी आरोप में जेल भेजे जाते हैं और यदि 30 दिन तक उन्हें जमानत नहीं मिलती है तो उन्हें पद से हटाया जा सकता है. विपक्ष ने इस बिल को साजिश करार देते हुए विरोध शुरू कर दिया है.
