
जमशेदपुर : दुर्गा पूजा उत्सव की तैयारियों को लेकर जमशेदपुर दुर्गा पूजा केंद्रीय समिति की वार्षिक आम सभा की बैठक शनिवार को सिदगोड़ा स्थित बिरसा मुंडा टाउन हॉल में संपन्न हुई। इस बैठक में शहर की 317 दुर्गा पूजा समितियों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक की अध्यक्षता कार्यकारी अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने की, जबकि मंच संचालन महासचिव आशुतोष सिंह एवं धन्यवाद ज्ञापन सचिव रामबाबू सिंह ने किया। सर्वप्रथम ओमयो ओझा द्वारा स्तुति पाठ कर बैठक की शुरुआत की गई। वहीं, द्वीप प्रज्वलन कर आम सभा की विधिवत शुरुआत की गई।
बैठक में उपाध्यक्ष गौतम प्रसाद ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया, वहीं कोषाध्यक्ष नंद जी सिंह ने आय-व्यय का विस्तृत ब्योरा रखा, जिसे चर्चा के बाद सभा ने पारित कर दिया। प्रदीप दास ने ऑडिट रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसे आम सभा ने सर्वसम्मति से हाथ उठाकर अनुमोदित किया।
आम सभा को संबोधित करते हुए कार्यकारी अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने कहा कि समिति सभी पूजा समितियों के परस्पर सहयोग से आगामी दुर्गा पूजा उत्सव को सफलतापूर्वक संपन्न करेगी। किसी भी परिस्थिति में जिला प्रशासन के साथ तालमेल स्थापित कर समस्याओं का समाधान कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस वर्ष दुर्गा पूजा उत्सव 22 सितंबर से प्रारंभ होकर 2 अक्टूबर को विजयदशमी के साथ संपन्न होगा। इसके लिए अगले 20 दिनों के अंदर सभी जोनल पदाधिकारियों को जोनल बैठक कराने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि जोनल बैठकों से निकलने वाली समस्याओं का केंद्रीय समिति द्वारा तत्काल निदान कराने का हर संभव प्रयास किया जाएगा।
समिति के मुख्य संरक्षक चंद्रगुप्त सिंह ने कहा कि हमें सनातन धर्म की मूल भावना को आगे बढ़ाना है। किसी भी प्रकार की जातीय भावना या विवाद में उलझने के बजाय केवल सनातन संस्कृति और उसके आदर्शों को केंद्र में रखकर कार्य करना हमारा उद्देश्य होना चाहिए। उन्होंने कहा कि गत वर्ष 2024 में दुर्गा उत्सव को अनुशासन और समन्वय के साथ सफलतापूर्वक सम्पन्न कराया गया था, उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष भी उत्सव को और अधिक सफल एवं भव्य रूप में आयोजित करना है। चंद्रगुप्त सिंह ने विशेष रूप से आग्रह किया कि पूजा पंडालों में सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि भक्तजन निर्बाध और सुरक्षित वातावरण में दुर्गा उत्सव की भव्यता का अनुभव कर सकें। उन्होंने विश्वास जताया कि सामूहिक सहयोग और अनुशासन से यह वर्ष का दुर्गा उत्सव शहर में एकता, भव्यता और संस्कृति का अद्भुत उदाहरण बनेगा।
समिति के संरक्षक ब्रजभूषण सिंह ने अपने संबोधन में समिति के कार्यों और प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस बार की ऑडिट रिपोर्ट अत्यंत व्यवस्थित और सीमित खर्च के साथ प्रस्तुत की गई है, जो वास्तव में प्रशंसनीय है। उन्होंने कहा कि यह देखकर संतोष होता है कि पूजा समितियाँ प्रशासन के साथ बेहतर तालमेल बनाकर कार्य कर रही हैं और किसी प्रकार की शिकायत की गुंजाइश नहीं है। कहा कि हमें अपनी संस्कृति और परंपराओं की रक्षा स्वयं करनी है। प्रशासन हर वर्ष दुर्गाउत्सव को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देता है। ऐसे में सभी पूजा समितियों को अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से समझते हुए अनुशासन, सहयोग और समर्पण के साथ इस महापर्व को सम्पन्न करना है।
संरक्षक भीष्म सिंह ने कहा कि प्रत्येक पूजा समिति इस महापर्व की आत्मा है, जिनके सहयोग और समर्पण से ही यह उत्सव भव्य और सफल रूप में संपन्न होता है। शहर के विभिन्न पूजा समितियों की सक्रिय भूमिका और प्रशासन के सहयोग से हर वर्ष दुर्गा पूजा सफलतापूर्वक सम्पन्न होती है। इस वर्ष भी सभी समितियाँ जिम्मेदारी और अनुशासन का पालन करते हुए, भक्तिमय और सुरक्षित वातावरण में दुर्गा उत्सव का आयोजन करेंगी।
महासचिव आशुतोष सिंह ने सभी पूजा समितियों से संयमता, धैर्य एवं अनुशासन का पालन करते हुए महोत्सव को संपन्न कराने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि अब तक जिन समितियों की समस्याओं का आवेदन प्राप्त हुआ है, उस पर केंद्रीय समिति ने जिला प्रशासन से सहयोग मांगा है और शीघ्र ही समाधान कर दिया जाएगा।
इस दौरान बैठक में विभिन्न दुर्गा पूजा समिति के प्रतिनिधियों ने अपने सुझाव एवं समस्याओं से अवगत कराया। जिसपर केंद्रीय समिति ने पूर्ण समाधान का भरोसा दिया।
बैठक में मुख्य रूप से समिति के कार्यकारी अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह, महासचिव आशुतोष सिंह, मुख्य संरक्षक चंद्रगुप्त सिंह, संरक्षक ब्रजभूषण सिंह, वरीय उपाध्यक्ष दिवाकर सिंह, सचिव रामबाबू सिंह, अशोक सिन्हा, धर्मेंद्र प्रसाद, गौतम प्रसाद, परमात्मा मिश्रा, चमनदीप गिल, देवाशीष नाहा, राजेश राय, प्रेम झा, दिनेश कुमार, प्रोसेनजीत भौमिक, शंभू मुखी, नंदलाल सिंह, अमियो ओझा, मनीष कुमार, अर्जुन शर्मा, शिवशंकर सिंह, रामप्रसाद जायसवाल, राघवेंद्र मिश्रा, पी. एस. माथुर, सुरजीत चौधरी, सतीश मुखी, शैलेश गुप्ता, रवि भुइयां, अशोक सामंत, सत्येंद्र कुमार, संतोष कुमार, इंदरजीत सिंह, विजय वर्धा, किशोर साहू, हर्ष नायडू, सुनील सिंह, राजीव सिंह, नीलकमल शेखर, शौविक ओझा एवं जे. के. गाछेत मुख्य रूप से उपस्थित थे।
