
वह आज भी अपनी संस्कृति में खुश रहते हैं पहाड़ों के बिना उन्हें नींद नहीं आती वह अपने संस्कृति से बहुत प्यार करते हैं अंग्रेज को अपने पारंपरिक हथियार तीर धनुष से खदेरने का काम किए थे साथ में उपस्थित विजय सोए शैलेंद्र विष्णु प्रमाणिक रॉबिन हेंब्रम

वह आज भी अपनी संस्कृति में खुश रहते हैं पहाड़ों के बिना उन्हें नींद नहीं आती वह अपने संस्कृति से बहुत प्यार करते हैं अंग्रेज को अपने पारंपरिक हथियार तीर धनुष से खदेरने का काम किए थे साथ में उपस्थित विजय सोए शैलेंद्र विष्णु प्रमाणिक रॉबिन हेंब्रम