झारखंड हाई कोर्ट के आदेश पर बागबेड़ा हाउसिंग कॉलोनी जलापूर्ति योजना के फिल्टर प्लांट निर्माण कार्य 27 अप्रैल 23 से चल रहा था। 16 सितंबर 23 को मंत्री एवं विधायक के* *शिलान्यास करने के बाद से फिल्टर प्लांट का कार्य को बंद करने के संबंध में।* महाशय, नम्र निवेदन है, कि बागबेड़ा महानगर विकास समिति के अध्यक्ष सुबोध झा के नेतृत्व में 2005 से क्रमबद्ध बड़े पैमाने पर 597 बार विभिन्न प्रकार के जन आंदोलन धरना, प्रदर्शन ,घेराव, लोकसभा का बहिष्कार, विधानसभा का घेराव, राज भवन का घेराव , 30 सितंबर 2012 जमशेदपुर से रांची पदयात्रा कर विधानसभा का घेराव एवं जमशेदपुर से दिल्ली तक 21 मार्च 2022 में पदयात्रा जैसे आंदोलन के बाद भी समस्या का समाधान सरकार के द्वारा नहीं किए जाने एवं झूठा लिखित आश्वासन देकर आंदोलन को समाप्त करने के विरोध में बागबेड़ा महानगर विकास समिति की ओर से झारखंड हाई कोर्ट में बागबेड़ा एवं छोटा गोविंदपुर ग्रामीण जलापूर्ति योजना एवं बागबेड़ा हाउसिंग कॉलोनी जलापूर्ति योजना में फंड का 237 करोड़ रूपया एवं 21,63000 रुपए का गमन एवं भ्रष्टाचार को

लेकर जनहित याचिका दायर करने के बाद झारखंड हाई कोर्ट के आदेश पर झारखंड सरकार के द्वारा बागबेड़ा हाउसिंग कॉलोनी जलापूर्ति योजना के फिल्टर प्लांट के नव निर्माण के लिए एक करोड़ 88 लख 69 हजार 710 रुपए की राशि स्वीकृत हुई है। और श्री मान के न्यायालय में मिस केस नंबर 21/2021,22अभी चल रहा है। झारखंड हाईकोर्ट ने 30 दिनों के अंदर समस्या का समाधान कर पेपर सबमिट करने को कहा था। पर श्रीमान के न्यायालय मैं लंबित है, आपके माध्यम से कार्रवाई नहीं की गई है। यथाशीघ्र सुनवाई कर दोषियों पर कार्रवाई कर बागबेड़ा हाउसिंग कॉलोनी के फिल्टर प्लांट का नव निर्माण करवा कर शुद्ध पेयजल की व्यवस्था 1140 घरों के 20000 जनता को उपलब्ध कराने का कष्ट करें। और मुझे शंका है की जिस प्रकार 20 15 ,16 में पिछले बार जिस प्रकार से 21 लाख 63000 रुपया फिल्टर प्लांट के मरम्मती कारण के लिए आया था। बगैर काम कियेऐ फंड की लूट हो गई, ठीक उसी प्रकार से आज 7 महीना समाप्त होने जा रहा है ,और फिल्टर प्लांट का काम जिस प्रकार से बंद करके रखा गया है, और कार्यपालक अभियंता द्वारा 15 महीना के अंदर नव निर्माण कर शुद्ध पेयजल पिलाने का लिखित पेपर न्यायालय में सोफी गई है। बगैर काम किए हुए पिछली बार की तरह इस बार भी एक करोड़ 88 लाख रुपया का गमन और ग्रामीण जलापूर्ति योजना के लिए 50 करोड़ 58 लख रुपए का गमन किए जाने । क्योंकि सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई सूचना भी कार्यपालक अभियंता सुमित कुमार जी एवं सुनील कुमार जी के द्वारा उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। न्यायालय के आदेश और सरकार के आदेश का भी उलंघन किया जा रहा है। 16 सितंबर से जिस प्रकार से फिल्टर प्लांट के काम को रोककर शिलान्यास विधायक एवं मंत्री के द्वारा किया गया है। और उसी दिन से फिल्टर प्लांट का काम को बंद कर दिया गया है। अतः श्रीमान से बागबेड़ा महानगर विकास समिति विनम्र आग्रह करती है। यथाशीघ्र फिल्टर प्लांट के निर्माण कार्य को तेजी से शुरू करने का आदेश दिया जाए। और स्वच्छ काम करते हुए गर्मी से पहले फिल्टर प्लांट का काम पूरा करवा कर शुद्ध पेयजल कॉलोनी वासियों को उपलब्ध कराने का कष्ट करें। सभी प्रकार के पेपर साथ में झारखंड हाई कोर्ट के आदेश की कॉपी कार्यपालक अभियंता द्वारा कोर्ट में जमा किए गए पेपर की कॉपी संलग्न है।धन्यवाद। प्रतिलिपि । ।) माननीय मुख्य न्यायाधीश झारखंड हाई कोर्ट रांची 2, माननीय मुख्य सचिव झारखंड सरकार रांची निवेदक । सुबोध झा अध्यक्ष बागबेड़ा महानगर विकास । समिति जमशेदपुर

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *