
जमशेदपुर पूर्वी सिंहभूम जिला कांग्रेस कमेटी ने सोमवार को जिला अध्यक्ष परविंदर सिंह के नेतृत्व में उपायुक्त के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली, विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया तथा मतदाता सूची में किए गए बदलावों की स्वतंत्र और व्यापक समीक्षा की मांग की।
निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता लोकतंत्र की आधारशिला है। पार्टी की ओर से मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में लिए गए कुछ निर्णयों तथा निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए गए हैं। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन की प्रक्रिया को लेकर कई स्तरों पर चिंताएं सामने आई हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग की आईटी प्रणाली और डेटा प्रबंधन व्यवस्था की भी स्वतंत्र तकनीकी समीक्षा कराने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि मतदाता सूची से संबंधित आंकड़ों के केंद्रीकरण और प्रबंधन की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाना चाहिए, ताकि नागरिकों का भरोसा और मजबूत हो सके।
पार्टी ने यह भी मांग की कि मतदाता सूची में किसी भी प्रकार के बदलाव से पूर्व निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पूरी तरह पालन किया जाए तथा प्रभावित नागरिकों को आपत्ति दर्ज कराने और सुनवाई का पर्याप्त अवसर दिया जाए। कांग्रेस का कहना है कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से हटना लोकतांत्रिक अधिकारों को प्रभावित कर सकता है, इसलिए इस पूरी प्रक्रिया की स्वतंत्र समीक्षा जरूरी है।
ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस ने राष्ट्रपति से अनुरोध किया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त द्वारा लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों, एसआईआर प्रक्रिया, मतदाता सूची में हुए बदलावों तथा निर्वाचन आयोग की संस्थागत कार्यप्रणाली की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही आयोग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं