पुलिस के हत्थे चढ़ा ऑनलाइन गेमिंग और स्पोर्ट्स-बिडिंग के 9 शातिर ‘मनी म्युलेटिंग’

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धनबाद पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई में साइबर ठगों का अंतरराज्यीय नेटवर्क उजागर किया है। सरायढेला थाना क्षेत्र के होटल न्यू हरि-इन के कमरों में छापेमारी कर 9 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया;पुलिस ने आरोपियों के पास से 12 एंड्रॉइड मोबाइल, 17 सिम कार्ड, 17 एटीएम कार्ड, बैंक खातों से जुड़े क्यूआर कोड, दो चेकबुक, एक पासबुक व 50,000 रुपये नकद बरामद किए हैं। मामले की जांच साइबर अपराध थाना कर रही है।

सीसीआर डीएसपी प्रदीप कुमार साव ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में बिहार, ओड़िसा और झारखण्ड के शातिर ठग स्पोर्ट्स-बिडिंग एप और ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े लोगों को बैंक खाते उपलब्ध कराकर ठगी के पैसों का लेन-देन करता था।पुलिस के मुताबिक गिरोह ने विभिन्न नामों पर अनेक बैंक खाते खुलवाकर इन्हें ‘मनी म्युलेटिंग’ (धन लेन-देन के लिए तीसरे पक्ष के खातों का प्रयोग) में प्रयोग किया। आरोपी इन खातों के जरिए ऑनलाइन गेमिंग और स्पोर्ट्स-बिडिंग से होने वाली ठगी की रकम ट्रांसफर कर लेते थे और फिर रकम को छोटे-छोटे हिस्सों में विभाजित कर आगे भेज देते थे, ताकि प्रमाण मिटे और ट्रैकिंग कठिन हो। बरामद हुए 17 एटीएम कार्ड और क्यूआर कोड इसी नेटवर्क की स्पष्ट गवाही देते हैं।

गिरफ्तार किए गए लोगों के मोबाइल और सिम कार्डों की फोरेंसिक जाँच शुरू कर दी गई है ताकि उन्हें ऑनलाइन लेन-देन, चैट लॉग, और किस बैंक खाते से कितनी रकम भेजी गई—इन सब तथ्यों का खुलासा किया जा सके। डीएसपी साव ने कहा, “हम अभी गिरोह के प्रमुख सरगना और उसके अन्य सहायक सदस्य तक पहुँचने के लिए सबूत जुटा रहे हैं। यह कार्रवाई केवल शुरुआत है।”

स्थानीय पुलिस का मानना है कि इस गिरोह का दायरा कई राज्यों तक फैला हुआ था और इसकी काली कमाई को लेन-देन के लिए बनाए गए खातों के माध्यम से छुपाया जा रहा था। अधिकारियों ने कहा कि जिन खातों और कार्डों को बरामद किया गया है, उनसे जुड़े बैंक और वित्तीय संस्थानों के साथ समन्वय करके तुरंत फंड ट्रेस करने की प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है।

आरोपियों के खिलाफ साइबर अपराध थाना में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई और गहन जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार जल्द ही अग्रिम पूछताछ में गिरोह के मुख्य सरगना और ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों या मध्यस्थों से संबंधों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की संभावना है।

धनबाद पुलिस ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे अनजान कॉल, संदेश व संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और किसी भी शक के मामले में बैंक व पुलिस को तुरंत सूचित करें, ताकि इस तरह के मंचों द्वारा हो रही ठगी पर रोक लगाई जा सके।

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