
चांडिल क्षेत्र में इन दिनों जंगली हाथियों का एक बड़ा झुंड ग्रामीणों के लिए गंभीर समस्या बन गया है। करीब एक महीने से इलाके में डेरा डाले हुए 15 से अधिक हाथी रात होते ही गांवों में घुसकर भारी उत्पात मचा रहे हैं। भोजन की तलाश में ये गजराज कच्चे-पक्के मकानों को नुकसान पहुंचा रहे हैं और खेतों में लगी सब्जियों व अन्य फसलों को बर्बाद कर रहे हैं।हाथियों के इस बढ़ते उत्पात से ग्रामीणों में भय का माहौल है। लोग रातभर जागकर पहरा देने को मजबूर हैं, ताकि किसी अनहोनी से बचा जा सके। कुसपुतुल, काशीडीह, अंडा, रामनगर, नीमडीह समेत 50 से अधिक गांव इस समस्या से जूझ रहे हैं।वहीं दूसरी ओर, दिन के समय यही हाथी चांडिल डैम में जलक्रीड़ा करते नजर आते हैं। झुंड के रूप में पानी में उतरकर घंटों तक अठखेलियां करना अब आम दृश्य बन गया है। यह नजारा स्थानीय लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र तो है, लेकिन इसके पीछे छिपा खतरा उन्हें लगातार चिंतित भी कर रहा है।वन विभाग की टीम स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और हाथियों को सुरक्षित स्थान की ओर खदेड़ने का प्रयास कर रही है, लेकिन अब तक पूरी सफलता नहीं मिल पाई है। विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने, रात में अकेले बाहर न निकलने और सुरक्षा उपाय अपनाने की सलाह दी है।इस बीच, ग्रामीण भी अपने स्तर पर हाथियों से बचाव के उपाय कर रहे हैं, लेकिन समस्या के स्थायी समाधान की मांग लगातार उठ रही है।
