जमशेदपुर में तीन दिवसीय ध्यान शिविर का भव्य समापन, 200 से अधिक साधकों ने किया सहभाग

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जमशेदपुर समाज में मानसिक शांति, शारीरिक स्वास्थ्य और आध्यात्मिक चेतना के विस्तार के उद्देश्य से पिरामिड स्पिरिचुअल सोसाइटी मूवमेंट के तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय ध्यान शिविर का सफलतापूर्वक समापन हो गया। यह विशेष शिविर 30 जनवरी से 1 फरवरी तक चला, जिसमें जमशेदपुर सहित आसपास के क्षेत्रों से आए लगभग 200 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
वरिष्ठ पिरामिड मास्टर्स का मिला प्रेरणादायी मार्गदर्शन
शिविर की सफलता में देश के विभिन्न हिस्सों से पधारे वरिष्ठ पिरामिड मास्टर्स की महत्वपूर्ण भूमिका रही। ध्यान सत्रों और संवाद कार्यक्रमों के माध्यम से प्रतिभागियों को गहन मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में राम राजू, सीनियर मास्टर माधवी नडेला, सीनियर मास्टर शाम्पा मुखर्जी, सीनियर मास्टर रूप झुंझुनूवाला, सीनियर मास्टर देबजानी गिरी एवं सीनियर मास्टर अलेख्या शास्त्री ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।
पिरामिड ऊर्जा से सकारात्मक बदलाव की राह
कार्यक्रम के दौरान पिरामिड ऊर्जा विज्ञान और इसके प्रभावशाली लाभों पर विस्तार से चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने बताया कि पिरामिड के नीचे ध्यान करने से एकाग्रता में वृद्धि होती है तथा ब्रह्मांडीय ऊर्जा का प्रवाह अधिक प्रभावी रूप से होता है। वक्ताओं ने कहा कि पिरामिड ऊर्जा झारखंड में सकारात्मक सोच, मानसिक संतुलन और सामाजिक परिवर्तन का सशक्त माध्यम बन सकती है।
शाकाहार से जुड़ा आध्यात्मिक विकास
ध्यान शिविर में केवल साधना ही नहीं, बल्कि जीवनशैली सुधार पर भी विशेष जोर दिया गया। शाकाहार (सात्विक आहार) के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया गया कि अहिंसक एवं सात्विक भोजन से व्यक्ति का शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक विकास संतुलित रूप से होता है। विशेषज्ञों ने कहा कि उच्च चेतना की प्राप्ति के लिए शुद्ध आहार और शुद्ध विचार आवश्यक हैं।
प्रतिभागियों ने किया आंतरिक शांति का अनुभव
तीन दिनों तक चले सामूहिक ध्यान सत्रों में भाग लेने वाले प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि नियमित अभ्यास से उन्हें तनाव से मुक्ति, मानसिक स्थिरता और गहरी आंतरिक शांति का अनुभव हुआ।

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