
सीआईएसएफ के द्वारा लाठी चार्ज में मारे गए प्रेम महतो के परिजनों को न्याय,नियोजन एवं मूर्ति लगाने के लिए जमीन सहित अन्य मांगों को लेकर धरना दिया। इस धारणा में निरसा के माले विधायक अरूप चटर्जी भी शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने बोकारो डीसी के मनसा पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि एक तरफ 19 विस्थापित गांव को पंचायत बनाने का पत्र सरकार के पास भेजते हैं, जबकि बोकारो स्टील की जमाबंदी करने का जिम्मा खुद रख लेते हैं ।डीसी के इस मनसा पर भ्रष्टाचार की बू रही है।
उन्होंने कहा कि प्रेम महतो की हत्या हुई थी, क्योंकि हत्या के उद्देश्य से ही सीआईएफ के जवानों के द्वारा डंडा फेंका गया। जिस कारण प्रेम महतो की मौत हुई। मामले में एसआईटी का गठन हुआ ,लेकिन एसआईटी का गठन भी बोकारो स्टील के अधिकारियों और जवानों को बचाने के लिए किया गया था। उन्होंने कहा कि न्याय नहीं मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा। जिला प्रशासन के अधिकारी सरकार के प्रति उत्तरदाई होना चाहिए लेकिन खुद के लाभ के लिए बोकारो स्टील के लिए काम कर रहे हैं।
