
जानकारी के अनुसार आरोपी युवकों द्वारा कई दिनों से तमोलिया क्षेत्र में रहकर भारत के विभिन्न हिस्सों से आए भोले-भाले युवकों को कंपनी में नौकरी लगवाने का झांसा देकर मोटी रकम वसूली जा रही थी.
बताया जाता है कि हाल ही में ठगों ने कई युवकों से पैसे लेकर उन्हें तमोलिया लाकर प्रोडक्ट प्रचार के नाम पर जगह-जगह घुमाया. जब नौकरी की सच्चाई सामने आई तो पीड़ित युवक खुद को ठगा महसूस करने लगे. इस खेल में करीब 200 से अधिक युवक फंसे हुए बताए जा रहे हैं. आज सुबह भुक्तभोगी युवकों ने स्थानीय लोगों को मामले की जानकारी दी जिसके बाद चार सुपरवाइजरों को पकड़कर पूछताछ की गई.
सूचना मिलते ही कपाली पुलिस मौके पर पहुंची और कंपनी के सुपरवाइजरों को गिरफ्तार कर ओपी लाकर पूछताछ शुरू की. आरोपियों की करतूत सामने आते ही घटनास्थल पर भारी भीड़ जुट गई. कपाली ओपी प्रभारी धीरंजन कुमार ने बताया कि पूछताछ जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस पूरे फर्जीवाड़े में और कौन-कौन शामिल हैं तथा कितने लोगों से ठगी की गई है.
भुक्तभोगी युवकों के अनुसार एक व्यक्ति से 30 से 35 हजार रुपए वसूले जा रहे थे. पूछताछ में कंपनी संचालक का नाम बिहार के लखीसराय निवासी इनामुल हक और उसके एक पार्टनर के रूप में सामने आया है. पीड़ितों का कहना है कि विरोध करने पर उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई थी. पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आरोपियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. आपको बता दें कि 24 घंटे पूर्व जमशेदपुर पुलिस ने इसी तरह के फर्जीवाड़े का खुलासा किया है जिसमें चार जालसाजों को जेल भेजा गया
