मोदी सरकार ने कृषि विधेयक पारित कर यह साबित कर दिया है कि सरकार किसान और जनविरोधी है,अब समय आ गया है कि आम जनता इनके नीचे के जमीन ना खीच कर कपड़े खीचने का अब काम करेगी — अध्यक्ष सुबोध कांत सहाय

सरायकेला: मोदी सरकार ने कृषि विधेयक पारित कर
यह साबित कर दिया है कि सरकार किसान और
जनविरोधी है,अब समय आ गया है कि आम जनता
इनके नीचे के जमीन ना खीच कर कपड़े खीचने का अब काम करेगी,यह बातें यूपीए सरकार में पूर्व केंद्रीय मंत्री और अखिल भारतीय पंचायत परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुबोध कांत सहाय ने कही।


पूर्व मंत्री सह पंचायत परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुबोध
कांत सहाय सोमवार देर शाम सरायकेला जिले के
आदित्यपुर स्थित पंचायत परिषद के प्रदेश अध्यक्ष
अजय सिंह के आवास पर पार्टी के वरीय पदाधिकारियों से मिलने पहुंचे थे, इस मौके पर पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कृषि विधेयक पारित किए जाने पर केंद्र की मोदी सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि, जन विरोधी मोदी सरकार ने किसानों को पूंजीपतियों के हाथ गिरवी रखने और टुकड़ों पर किसानों को निर्भर रहने के उद्देश्य से कृषि विधेयक पारित किया है ,उन्होंने केंद्र सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि सरकार चाहती है कि कृषि और इकोनामी पर आधारित देश के लोग रिलीफ फंड के भरोसे जिए और जो कॉरिट घराना रिलीफ फंड देगा उस की जय जयकार की जाएगी।

29 दिसंबर को राज्य के हेमंत सरकार के 1 वर्ष पूरे होने और भाजपा द्वारा सरकार के विफलताओं भरा 1 वर्ष कहे जाने के मुद्दे पर पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भाजपा पहले मोदी सरकार के 7 वर्ष के विफलताओं को गिनाने का काम करें, उन्होंने कहा कि झारखंड में हेमंत सरकार के 1 वर्ष का कार्यकाल बेहतरीन है ,पूर्व की भाजपा सरकार द्वारा सरकारी खजाना खाली करने और सरकार गठन के तुरंत बाद कोरोना महामारी के बीच भी हेमंत सरकार ने बेहतरीन प्रदर्शन किया, सुबोध कांत सहाय ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा कई विकास योजनाओं के फंड रोके जाने के बावजूद सीमित संसाधन के बीच राज्य सरकार
महामारी में राज्य हित में काम कर रही है।

सुबोध कांत सहाय राष्ट्रीय अध्यक्ष पंचायत परिषद

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