दशम फॉल के पास महिलाओं का पीछा कर की गुंडागर्दी, बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सरकार को घेरा

Spread the love

रांची: झारखंड में महिला सुरक्षा के दावे एक बार फिर खोखले साबित हुए हैं। रांची-टाटा हाईवे पर दशम फॉल इलाके में मंगलवार दोपहर स्कॉर्पियो सवार दो युवकों द्वारा तीन महिलाओं की कार का कई किलोमीटर तक पीछा कर की गई गुंडागर्दी ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था की पोल खोल दी है। इस मामले में अब राजनीति भी गरमा गई है। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने घटना का वीडियो साझा करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राज्य पुलिस की कार्यशैली पर कड़ा प्रहार किया है।जमशेदपुर से हजारीबाग जा रही तीन महिलाएं जब सूर्य मंदिर से दोपहर 12:27 बजे एनएच पर निकलीं, तो एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो (JH-01-GH-4141) ने उनकी कार में टक्कर मार दी। गलती आरोपियों की थी, लेकिन वे महिलाओं से बदसलूकी करने लगे। जान बचाने के लिए जब महिलाएं वहां से निकलीं, तो आरोपियों ने कई किलोमीटर तक उनका पीछा किया। अंततः रास्ता रोककर आरोपियों ने पत्थर मारकर कार का शीशा तोड़ दिया, जिससे चालक रणवीर सिंह घायल हो गए।बाबूलाल मरांडी का सरकार पर तीखा हमला इस भयावह घटना के वीडियो को साझा करते हुए बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए कहा:”मुख्यमंत्री जी दिल्ली में निवेशकों को आमंत्रित करने में व्यस्त हैं, लेकिन सवाल यह है कि ऐसी लचर कानून-व्यवस्था पर कोई निवेशक कैसे भरोसा करेगा?”मरांडी ने आगे कहा कि जिस राज्य में पुलिस के सामने या उनकी देरी के चलते महिलाओं के साथ ऐसी बदसलूकी हो, वहां सुरक्षा का क्या संदेश जाएगा? उन्होंने पर्यटन सीजन और मानसून के दौरान प्रमुख पर्यटन स्थलों पर पुलिस की अनुपस्थिति को सरकार की बड़ी विफलता करार दिया है।पुलिस की देरी ने खोली सुरक्षा दावों की पोल पीड़ित महिलाओं ने दोपहर 12:33 बजे मदद के लिए ‘डायल-100’ पर सूचना दी थी, जो 12:38 बजे कंट्रोल रूम से रांची पुलिस तक पहुंची। इसके बावजूद, दशम फॉल थाना प्रभारी 25 मिनट की देरी से (12:58 बजे) घटनास्थल पर पहुंचे। तब तक आरोपी वारदात को अंजाम देकर फरार हो चुके थे। हालांकि, बाद में वीडियो के आधार पर पुलिस ने स्कॉर्पियो को जब्त कर राजकुमार महतो और सोयब रजा नामक आरोपियों को थाने बुलाया है।हाइवे पेट्रोलिंग का अभाव घटना के दौरान सूर्य मंदिर से दशम फॉल तक कहीं भी हाइवे पेट्रोलिंग टीम नजर नहीं आई। ग्रामीण एसपी गौरव गोस्वामी ने क्षेत्र का ‘अंदरूनी’ होना देरी का कारण बताया है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि हाइवे पर सुरक्षा व्यवस्था केवल वीआईपी मूवमेंट तक ही सिमट कर रह गई है। 10 मिनट के भीतर पुलिस मदद पहुंचने के सरकारी वादे इस घटना के बाद पूरी तरह बेनकाब हो गए हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *