
जमशेदपुर: शहर में हिमांशु सिंह हत्याकांड के विरोध में 3 जुलाई को प्रस्तावित बंद को देखते हुए गुरुवार रात नए वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) के नेतृत्व में साकची, बिष्टुपुर समेत कई इलाकों में देर रात तक फ्लैग मार्च निकाला गया। पुलिस का उद्देश्य लोगों में सुरक्षा का भरोसा कायम करना और किसी भी अप्रिय घटना को रोकना था। हालांकि फ्लैग मार्च के दौरान ही कदमा थाना क्षेत्र में गोलीबारी की एक घटना सामने आने से शहर की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार, कदमा के रामजनम नगर में गुरुवार रात करीब 11 बजे पुरानी रंजिश और गैस सिलेंडर को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि विवाद के दौरान दो ममेरे भाइयों ने पेंटर संजय तांडी के साथ पहले मारपीट की और फिर उस पर गोली चला दी। गोली उसके जबड़े को चीरते हुए आर-पार निकल गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
घायल संजय तांडी ने हिम्मत दिखाते हुए घटनास्थल से ही गोली का खोखा उठाया और लहूलुहान हालत में स्वयं एमजीएम अस्पताल पहुंच गया। अस्पताल पहुंचने तक उसके मुंह और होंठ से लगातार खून बह रहा था। खून रोकने के लिए वह हाथ में कॉटन पैड दबाए हुए था। उसका चेहरा, कपड़े और शरीर खून से पूरी तरह सने हुए थे। अस्पताल में चिकित्सकों ने उसका प्राथमिक उपचार शुरू किया और उसकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही कदमा थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और घायल से पूरे मामले की जानकारी ली। इसके बाद पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया तथा आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। घायल युवक ने हमले का आरोप अपने पड़ोसी और ममेरे भाइयों कृष्णा सोना तथा अनिल सोना पर लगाया है।
पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में आपसी रंजिश और गैस सिलेंडर विवाद को घटना की वजह माना जा रहा है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। वहीं, फ्लैग मार्च के दौरान हुई इस वारदात ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है।