
मानवता का परिचय देते हुए पेयजल एवं स्वच्छता तथा उत्पाद एवं मद्य निषेध मंत्री योगेंद्र महतो ने एक सराहनीय पहल की। रांची से रामगढ़ के लिए रवाना हुए मंत्री का काफिला जैसे ही चुटुपालू घाटी से गुजर रहा था, उनकी नजर सड़क हादसे में घायल एक महिला और उसके बेटे पर पड़ी, जो सड़क किनारे दर्द से कराह रहे थे।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मंत्री ने तुरंत अपना काफिला रुकवाया और बिना देर किए दोनों घायलों को अपनी कार्केड में बैठाकर अस्पताल पहुंचाने का निर्णय लिया। मंत्री स्वयं उन्हें सैनी होटल के समीप स्थित आपातकालीन सेवा अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों को तत्काल इलाज शुरू करने का निर्देश दिया।
अस्पताल में मंत्री ने डॉक्टरों से घायलों की स्थिति की जानकारी ली और बेहतर उपचार सुनिश्चित करने को कहा। समय पर मिली मदद से मां-बेटे को शीघ्र चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकी।
मंत्री योगेंद्र महतो की इस मानवीय पहल की स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों ने जमकर सराहना की। लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधि का असली दायित्व केवल प्रशासनिक कार्यों तक सीमित नहीं होता, बल्कि जरूरतमंदों की मदद के लिए तत्पर रहना भी उसकी जिम्मेदारी है।



