
समापन समारोह में मुख्य अतिथि आइजी मनोज कौशिक शामिल हुए, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में कोल्हान डीआइजी अनुरंजन किस्पोट्टा, जमशेदपुर एसएसपी, चाईबासा और सरायकेला एसपी मौजूद रहे. तीन दिन चले इस पुलिस ड्यूटी मीट में जमशेदपुर की टीम ओवरऑल चैंपियन रही, जिसे अतिथियों ने सम्मानित किया. वहीं बेहतर अनुसंधान करनेवाले पुलिस पदाधिकारियों को भी सम्मानित किया गया.बता दें कि 10 तरह की श्रेणियों में कुल 6 प्रतियोगिताएं आयोजित की गई थीं. अपने संबोधन में आइजी मनोज कौशिक ने सभी प्रतिभागियों का हौसला बढ़ाया और अपराध अनुसंधान के लिए एक विशेष ट्रेनिंग सेंटर बनाने पर जोर दिया. उन्होंने बताया कि अपराधी नए-नए तरीकों से आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं, जो पुलिस के लिए चुनौती बनता जा रहा है. इसके लिए समय-समय पर पुलिस ऑफिसर्स को प्रशिक्षण दिए जाने और तकनीक आधारित ज्ञान की आवश्यकता होती है. खासकर साइबर अपराध के मामलों में विशेष चौकस रहने की जरूरत है. इसके लिए ऑफिसर्स को अनुसंधान का दायरा बढ़ाना जरूरी है. उन्होंने सभी पुलिस पदाधिकारियों के प्रयासों की सराहना की.
