*गालूडीह: पुतरु टोल प्लाजा निर्माण के नाम पर ग्रामीणों से 21 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जा चुका है, जिसके एवज में मुवावजा के रूप में रैयतों को उचित मूल्य अभी तक नहीं दिया गया हैं। अब रैयतदारों ने यह फैसला लिया है कि रैयतदार किसी भी हाल में अपनी जमीन नहीं देंगे। रैयतदार अब जमीन पर खेती करेंगे। इसके लिए गुरुवार को जमीन पर भूमिपूजन किया गया। फिर जेसीबी मशीन लगाकर जमीन को समतलीकरण का कार्य शुरू किया गया। रैयतदारों ने बताया कि हमलोगों ने दो साल तक इंतजार किया। अब न्याय से भरोसा उठ चुका है। विधायक रामदास सोरेन के कहे अनुसार हमनें डीसी, एडीसी, एसडीओ, सीओ, सिटी एसपी, ग्रामीण एसपी, एनएचएआई, थाना सभी को ज्ञापन सौंपा है कि अब हम जमीन नहीं देंगे। हम अपनी जमीन पर रोजीरोटी के लिए कल से खेती का कार्य शुरू करेंगे। साथ ही कुछ किसान दुकान खोलेंगे। उन्होंने कहा कि भोले-भाले आदिवासियों के जमीन को व्यापार के उद्देश्य से लिया गया है। क्योंकि टोल प्लाजा तो बनकर तैयार है। अब बाकी जमीन का क्या काम। हम अपने ही जमीन के उचित मुआवजा के लिए काफी परेशान हो चुके हैं, अब और नहीं सहेंगे, अगर हमें किसी ने खेती करने से रोका या दोबारा परेशान किया गया तो हम किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार हैं। हम जान दे देंगे, लेकिन अपनी खेती की जमीन को किसी भी हाल में टोल प्लाजा में नहीं देंगे।
