चांडिल।(जगन्नाथ चटर्जी) पिछले कई दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण चांडिल डैम का जलस्तर 183.20 मीटर पर पहुंच गया। जल स्तर बढ़ने के बाद पहले से खुले हुए साथ फटक को बढ़ाते हुए आठ फाटक को डेढ़ डेढ़ मीटर तक खोला गया। चांडिल डैम से कुल 1600 क्यूमेक पानी स्वर्णरेखा नदी में छोड़ा जा रहा है। चांडिल डैम से पानी छोड़े जाने के बाद सुवर्णरेखा नदी उफान पर है। जल स्तर बढ़ने के बाद कई विस्थापित गांव जलमग्न हो गया। जिससे इन विस्थापितों में स्थानीय जनप्रतिनिधि और विभाग के प्रति नाराजगी देखी जा रही है। डैम के जलस्तर बढ़ने से विस्थापितों को सांप और बिच्छू का भी डर सताने लगा है। इस वर्ष डैम का जलस्तर रिकॉर्ड 183.20 मीटर पर पहुंचा है। विस्थापित भविष्य की चिंता को ले सुरक्षित जगहों पर जा रहे है। इधर, प्रशासन भी अपने स्तर से प्रभावित लोगों को शिविर में भेजना शुरू कर दिया है। तथा कुछ विस्थापित प्रशासनिक शिविर में आश्रय लिए हुए है। प्रशासन प्रभावित लोगों को सुरक्षित जगह पर भेजना शुरू कर दिया है।
